महाठग विष्णु बाबू दिवाकर के खिलाफ सचेंडी पुलिस ने बी-वारंट जारी कराया है। हमीरपुर जेल में दाखिल कर दिया है। साथ ही कोर्ट से अनुमति लेकर आरोपी से पूछताछ भी की है। अधिकतर सवालों का जवाब आरोपी ने गोलमाल करके दिया।
आरोपों को वह नकारता रहा और कई बार पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। सचेंडी के सीढ़ी इटारा निवासी विष्णु बाबू ने नौकरी व भाजपा में पदाधिकारी बनवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है। पांच दिन पहले हमीरपुर पुलिस ने विष्णु को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मामले की जानकारी कानपुर आउटर पुलिस को दी थी। जिसके बाद सचेंडी पुलिस ने कार्ट से आरोपी के खिलाफ बी-वारंट लिया। जिसको हमीरपुर जेल में जाकर दाखिल किया। वहां की कोर्ट से अनुमति लेकर करीब दो घंटे तक विवेचक ने जेल में जाकर विष्णु से पूछताछ की।
कुछ जानकारियां उसने दीं लेकिन तमाम सवालों के जवाब वह नहीं दे रहा था। सूत्रों के मुताबिक वह खुद को निर्दोष ही बता रहा है। एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपी के गिरोह में चार से पांच लोग हैं। उन सभी की तलाश की जा रही है। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी लिया जाएगा।
किसान से लेकर आईआईटियंस को भी ठगा
पुलिस की जांच में सामने आया कि विष्णु बाबू के जाल में किसान से लेकर आईआईटियंस तक फंस गए। पढ़े लिखे जानकारों व नेताओं को उसने खूब बेवकूफ बनाया और उनसे लाखों रुपये वसूले।
मेरठ की भाजपा नेत्री संगीता सिंह को आयोग में सदस्य बनवाने के नाम पर सात लाख रुपये उनसे ठगे थे। आईआईटी के पूर्व छात्र दीपक कुमार की लखनऊ स्थित भाजपा कार्यालय में विष्णु से मुलाकात हुई थी।
दीपक को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उससे दस लाख रुपये वसूले। वहीं जयदीप नाम के किसान को जमीन पर लोन दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये ऐंठ लिए। इसी तरह से दर्जनों लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी को अंजाम दिया।