डॉ.रामगोपाल पांडेय को पुरस्कार के लिए नामित होने पर सम्मानित करते कस्बाई नागरिक।
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रूरा (कानपुर देहात)। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से वर्ष 2019 के रामचंद्र शुक्ल पुरस्कार के लिए कस्बा निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. राम गोपाल पांडेय को चुना गया है। यह पुरस्कार हिंदी साहित्य में अहम योगदान पर साहित्यकारों और रचनाकारों को दिया जाता है। पुरस्कार के लिए नामित होने की जानकारी पर शनिवार को कस्बाई लोगों ने माला पहना कर उन्हें बधाई दी।
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से वर्ष 2019 के पुरस्कारों की घोषणा शुक्रवार को की गई। कस्बा के पालीवाल नगर निवासी डॉ. राम गोपाल पांडेय को यह पुरस्कार वर्ष 2019 में प्रकाशित पुस्तक निगमागम सम्मत तुलसी चिंतन के लिए दिया गया है। वह गलुवापुर इंटर कॉलेज से वर्ष 2007 में हिंदी के प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त हैं। डॉ. राम गोपाल पांडेय ने बताया कि पुस्तक दो भागों में एक साथ वर्ष 2019 में प्रकाशित हुई थी। पुस्तक में रामचरित मानस में तुलसीदास के लिखे गए संदर्भों का वेदों, उपनिषदों व शास्त्रों के माध्यम से सम्मत किया गया है। बताया कि पुस्तक को लिखने में छह वर्ष का समय लगा। वह अभी ऐतिहासिक धरोहर पर पुस्तक लिख रहे हैं। जिसके लिए कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर साक्ष्य संकलन का काम प्रगति पर है। साहित्य पुरस्कार के लिए नामित होने पर जय नारायण मिश्रा, हरि शंकर द्विवेदी, बउवा त्रिवेदी, किसलय, बीएल सेंगर, रामबाबू शुक्ल, गिरजेश द्विवेदी, रविशशि द्विवेदी व मोनू गुप्ता आदि ने उनका सम्मान किया।