जानकारी नहीं दे रहे केस्को व नगर निगम
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के साथ ही विभागों के असहयोग का भी सामना करना पड़ रहा है। अवनीश के करीबियों की फर्म की जानकारी मांगने पर नगर निगम और केस्को जवाब नहीं दे रहा है। अभी तक सिर्फ फर्म के द्वारा उपलब्ध कराए गए कर्मियों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। जारी किए गए टेंडर से जुड़े दस्तावेज नहीं दिए गए हैं।
इस तरह से हुआ था फंड घोटाला
पुलिस सूत्रों की माने तो ये घोटाला 90 लाख रुपये का था। जीतू उर्फ सुनील शुक्ला और उनके साथ के लोगों ने डिजिटल सिग्नेचर बनाकर इसी बैंक में दूसरा खाता खोलकर फंड की रकम ट्रांसफर कर ली थी। इस गबन की वजह से केस्को ने बाला जी कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। कुछ ही महीनों बाद लघु उद्योग विभाग से इस कंपनी की ब्लैक लिस्ट से नाम हटा दिया और ये फिर से काम लेने लगी।
नगर निगम में हुई डेढ़ करोड़ रुपये की अनियमितता को लेकर डीएम से मजिस्ट्रेट जांच कराने के लिए कहा गया है। साथ ही ईपीएफओ को भी पत्र लिखा गया है। जानकारी के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर