कानपुर देहात। ऑटो को पंजीकरण के दौरान 16 किलोमीटर के दायरे में चलने के लिए परमिट दिया जाता है। इसके विपरीत जिले के परिवहन विभाग में पंजीकृत 3464 ऑटो में अधिकांश के चालक सवारी बैठाकर कानपुर तक फर्राटा भर रहे हैं। यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की टीम ने इस पर अंकुश लगाने के लिए अभियान शुरू किया है।
दरअसल ऑटो चालक चंद रुपये की लालच में नगर से कानपुर जाने वाले लोगों को बैठाकर कानपुर पहुंचाने व वापस लाने का काम करते हैं। जबकि इनका दायरा रायपुर से समाप्त हो जाता है। इसके बावजूद चालक बिना रोकटोक फर्राटा भर रहे हैं। इसके अलावा सवारी भी क्षमता से अधिक बैठाते हैं। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। विभाग के आंकड़ों की मानें तो जिले की सड़कों पर वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर के बीच हुई 668 मार्ग दुर्घटनाओं में 375 लोग गंभीर रूप से घायल व 392 लोगों की मौत हो चुकी हैं। शासन ने इस पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
परिवहन विभाग व यातायात पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए ऐसे ऑटो चालकों को जागरूक करने व नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई करने का काम कर रही है। सीओ यातायात राजीव सिरोही ने बताया कि हाईवे पर हो रही मार्ग दुर्घटनाओं में एक कारण ऑटो भी है। इन पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पहले चालकों को वाहन के परमिट दायरे में चलने को कहा जाएगा। इसके बाद भी न मानने वालों को वाहन को सीज किया जाएगा। वहीं एआरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि ऑटो का पंजीकरण के दौरान 16 किमी के दायरे में चलने का परमिट दिया जाता है। अगर चालक नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।