फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औरैया कांडः मां ने तीन बच्चियों के साथ फांसी पर झूलने से पहले टीवी की आवाज कर दी थी तेज, ताकि चीख न जा सके बाहर

Thu, 01 Oct 2020 11:22 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
विज्ञापन
मां और तीन बच्चियों का शव फंदे पर लटका मिला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
औरैया जिले में दिबियापुर के सेहुद गांव में तीन बेटियों के साथ फंदे पर लटकी मिली महिला के कमरे में टीवी तेज आवाज में चलता मिला है। इससे लोग यह अनुमान लगा रहे हैं कि मासूम बच्चियों की चीखें बाहर न जाएं, इसलिए टीवी तेज आवाज में चला दी गई थी।
विज्ञापन


ग्रामीण एवं मृतका के पति कुलदीप ने बताया कि वह जब पड़ोस के घर से छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा खुला था। तेज आवाज में टीवी चल रहा था। बदहवाश होकर वह घर के बाहर आया तो चीख पुकार सुनकर गांव के लोग भी अंदर दाखिल हुए। सभी का मानना है कि टीवी की तेज आवाज से बच्चियों की चीखें दब गईं होंगी। इसलिए पड़ोसियों को भी घटना के बारे में जानकारी नहीं हुई।

भीड़ काबू करने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
नवजात समेत तीन बेटियों के साथ महिला की मौत की खबर थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद आसपास का हर व्यक्ति घटना के बारे में जानने को इच्छुक दिखा। घटना कैसे हुई, यह जानने के लिए लोग मृतका के दरवाजे पर एकत्रित हो गए। पुलिस को घटनास्थल पर लोगों को घुसने से रोकने के लिए रेड टेप लगाना पड़ा। लोगों को घटनास्थल से दूर रखने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन


 

कुलदीप ने बताया, शाम को भी खाना नहीं खाया था
सेहुद गांव के विनय कुमार के साथ साधना का पति कुलदीप घटना की जानकारी होने से पहले काफी देर तक बात करता रहा था। यह पता चलने पर एसपी सुनीति ने विनय से कुलदीप की मनोस्थिति के बारे में जानकारी ली।

विनय ने बताया कि कुलदीप लगभग 11:15 बजे घर लौट रहा था। कुलदीप अपनी साइकिल से था, जबकि विनय अपनी बाइक से था। सेहुद के मुख्य गेट से घर तक वह और कुलदीप बातें करते आए थे।

कुलदीप ने बताया था कि वह घर पर खाना खाने जा रहा है। कुलदीप ने इस इस बात का भी जिक्र किया था कि बुधवार की शाम को भी खाना नहीं खाया था। अभी विनय खाना खाने बैठा ही था कि कुलदीप की चीख पुकार सुनकर बाहर निकल आया।

बुखार होने पर घर लौटा था कुलदीप
कुलदीप ने बताया कि बुधवार से उसे हल्का बुखार आ रहा था। इसलिए दवा भी खाई थी। गुरुवार को पेंटिंग कर रहे मजदूर की सास की मौत हो गई, उसे भी बुखार था। इसलिए काम बंद करके 11 बजे ही घर आ गया था। जब घर लौटा तब पत्नी एवं बेटियों के शवों के फंदे पर लटके होने की जानकारी मिली।
विज्ञापन

पुलिस अफसरों के जाने के बाद लोग फिर उग्र हुए
घटना स्थल से पुलिस अधिकारियों के जाने के बाद एक बार फिर से मृतका के मायके के लोग उग्र हो गए। युवकों ने कुलदीप के घर के अंदर रखा टीवी तोड़ दिया। सिलिंडर की नली हटाकर गैस खोल दी। ग्रामीणों ने देख लिया और सिलिंडर से निकल रही गैस बंद की।

इस बीच कुछ महिलाएं पड़ोस में रहने वाले कुलदीप के पिता के घर घुस गईं। यहां पर भी महिलाओं ने टीवी क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद कुछ पुलिस कर्मियों की मदद से सभी को बाहर निकाला। साथ ही ग्रामीणों ने ही दोनों घरों में ताला डाल दिया, ताकि घरों में कोई नुकसान न हो सके।

गांव वाले हत्या मानने को तैयार नहीं हैं
गांव सेहुद के लोग गांव में घटी तीन बेटियों के साथ महिला की मौत से स्तब्ध हैं। हालांकि वह किसी भी सूरत में घटना को हत्या मानने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पति पत्नी में झगड़ा तो की बार हुआ। मामला न्यायालय में भी चला। परंतु ऐसा देखने में नहीं आया कि कुलदीप ने अपनी पत्नी को मारापीटा हो। कुलदीप का गांव के लोगों से व्यवहार भी अच्छा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें