बेला रोड स्थित सेंट साइनाथ विद्यालय परिसर में बृहस्पतिवार को पुलिस के पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया। विद्यालय के प्रिंसिपल अवध मुरारी अग्रवाल ने पुलिस पर बिना अनुमति स्कूल में घुसने, शिक्षकों और बच्चों में भय पैदा करने तथा सत्ता के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस का कहना है कि एमएलसी चुनाव में मतदाताओं को रुपये बांटने और चुनाव प्रभावित करने की सूचना पर जांच के लिए टीम भेजी गई थी।
शुक्रवार को होने वाले एमएलसी चुनाव में सपा से आकाश अग्रवाल प्रत्याशी हैं। प्रिंसिपल के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर 15 से 20 पुलिसकर्मी बिना पूर्व सूचना के विद्यालय परिसर में पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें घर से बुलाकर स्कूल लाई और चुनाव में रुपये बांटने की बात कहकर दबाव बनाया। उन्होंने बिना वारंट और साक्ष्य के कार्रवाई किए जाने पर भी सवाल उठाए। प्रिंसिपल ने बताया कि वह हृदय रोग से पीड़ित हैं और घटना के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल से रिश्तेदारी के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने पर दिबियापुर से सपा विधायक प्रदीप यादव समर्थकों के साथ विद्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। विधायक ने कहा कि शिक्षण संस्थान में पुलिस की कार्रवाई से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। उन्होंने मतदान तक सपा कार्यकर्ताओं के बूथों पर निगरानी रखने की बात कही और प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया।
वहीं, थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य द्वारा चुनाव प्रभावित करने और मतदाताओं से लेनदेन किए जाने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस टीम जांच के लिए विद्यालय परिसर में पहुंची थी। पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।