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दोष सिद्ध होने के बाद निकले समर्थकों ने किया गुमराह
एमपी-एमएलए कोर्ट में न्यायाधीश ने 11 में से 10 आरोपियों पर दोषी सिद्ध किया। इसके बाद वह लंच पर चले गए। यह सुनकर सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के समर्थक जैसे ही बाहर आए तो उन्होंने साथियों से कहा कि बच गए। ऐसे में समर्थकों ने राहत की सांस ली।
सजा को लेकर चर्चा करते नजर आए सभी
कुछ ही मिनट बाद जैसे ही वादी आशीष कुमार बाहर निकले, तो उन्होंने अपने पक्ष को बताया कि 10 आरोपियों पर दोष सिद्ध कर दिया गया है। लंच के बाद सजा सुनाई जाएगी। यह सुनकर पूर्व एमएलसी के समर्थकों के चेहरे पर निराशा छा गई। इसके बाद सभी आपस में सजा को लेकर चर्चा करते नजर आए।
पुलिसकर्मियों ने कोर्ट में घुसने नहीं दिया
कमलेश पाठक, उसका भाई रामू, संतोष सहित 10 आरोपी कोर्ट में जैसे ही घुसे तो कुछ समर्थक पहले ही कोर्ट के अंदर पहुंच गए थे। पुलिस ने कई लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं निकले। इसके बाद बिधूना सीओ पी पुनीत मिश्रा खुद ही गेट पर खड़े हो गए। किसी को घुसने नहीं दिया।
अंदर जाने की जिद पर अड़ी रही महिला
वहीं खासकर महिलाएं कोर्ट के अंदर जाने के लिए ज्यादा परेशान दिखाई दीं। एक महिला समर्थक कोर्ट के अंदर बार-बार घुसने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पुलिस की सख्ती से उसकी एक न चली। महिला दरोगा व एक कांस्टेबल उसे लगातार समझाते रहे, लेकिन वह अंदर जाने की जिद पर अड़ी रही।
कुलदीप का बेटा नहीं पहुंच सका अंदर
बर्खास्त शिक्षक कुलदीप का बेटा विकल्प उससे मिलने के लिए कोर्ट पहुंचा था। आरोपियों के समर्थक अधिवक्ताओं ने विकल्प को अंदर तक भेजा। इसी बीच पुलिसकर्मियों ने उसकी पूरी तलाशी ली, लेकिन सीओ बिधूना ने उसे बाहर कर दिया। इसके चलते वह मिल नहीं पाया।