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Auraiya: ब्लैकमेलिंग से परेशान किशोर ने दी थी जान, तीन गिरफ्तार…अश्लील वीडियो देखने के झूठे आरोप से डराते थे

Sun, 23 Nov 2025 01:53 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya News: औरैया में 14 दिन पहले किशोर की आत्महत्या के मामले में लखनऊ पुलिस अधिकारी बनकर ब्लैकमेल करने वाले एक बाल अपचारी समेत तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से फर्जी पुलिस पहचान पत्र और ठगी में इस्तेमाल 23 सिम बरामद हुए हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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औरैया जिले में 14 दिन पहले किशोर की आत्महत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने बाल अपचारी समेत तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लखनऊ के पुलिस अधिकारी बनकर किशोर को ब्लैकमेल करते थे। आरोपियों के पास से फर्जी पुलिस पहचान पत्र समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने दो आरोपी को कोर्ट में पेश कर उन्हें इटावा जेल भेज दिया गया, जबकि बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

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किशोर की आत्महत्या के मामले में शनिवार को एसपी अभिषेक भारती ने खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि खानपुर गांव निवासी अनुराज ने फंदे से लटक कर जान दे दी थी। पिता अविनींद्र की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू हुई थी। पिता ने कुछ फोन नंबरों से बेटे को धमकी देने की जानकारी पुलिस को दी थी। घटना में शामिल कानपुर देहात थाना गजनेर के गांव मंगोलपुर निवासी नरेंद्र सिंह, लाल सिंह और बाल अपचारी को पकड़ पकड़ा गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि किशोर को कॉल कर साइबर क्राइम ब्रांच लखनऊ का अधिकारी बताया था।

अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर डराते थे
आरोपियों ने मोबाइल फोन पर अश्लील सामग्री देखने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज होने और जल्द गिरफ्तार करने की बात कही। इससे किशोर डर गया। इसके बाद साइबर ठग ने उसे रुपये देकर मामला सेटल करने का दबाव बनाया। किशोर को सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने का डर और मानसिक प्रताड़ित करने लगे। इससे परेशान होकर किशोर ने जान दे दी थी। एसपी ने बताया कि आरोपी पहले रैंडम नंबरों पर कॉल करके खुद को पुलिस अधिकारी बताते थे और अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर डराते थे।

तीन मोबाइल में ठगी के लिए प्रयोग किए 23 सिम
एसपी ने बताया कि आरोपियों के पास मिले तीन मोबाइल की जांच की गई। पता चला कि आरोपियों ने ठगी के लिए इन मोबाइलों में 23 सिमों का प्रयोग किया था। इनसे में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड और उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर, गोरखपुर, देवरिया में 10 ठगी के मामले दर्ज हैं।
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यह सामान हुआ बरामद
कोतवाली पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन एंड्रोइड, दो कीपेड मोबाइल फोन, तीन फर्जी पुलिस परिचय पत्र, 12300 रुपये नकद, पांच सिम, दो पेन कार्ड बरामद हुए। फर्जी पेन कार्ड में पिता के नाम अलग मिले।
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