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किसी तरह कुत्तों को भगाया गया
कई भेड़ें मौके पर ही मृत पड़ी थीं, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल थीं। कुत्तों को किसी तरह भगाया गया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। घटना की जानकारी तुरंत बेला पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने ग्रामीणों और पीड़ित पशुपालक से घटना के संबंध में पूछताछ भी की।
पशुपालक को दिलाई जाएगी आर्थिक राहत
प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राजस्व विभाग की ओर से पहुंचे लेखपाल रोहित यादव ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नियमानुसार रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि शासन की ओर से मिलने वाली सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित पशुपालक को आर्थिक राहत दिलाई जा सके।
आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान हो
ग्रामीणों का कहना है कि बेला क्षेत्र में पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रात के समय कुत्तों के झुंड गांव की गलियों और खेतों में घूमते रहते हैं, जिससे पशुपालकों के साथ-साथ आम लोगों में भी भय का माहौल बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी पशुपालक को इस तरह की भारी क्षति का सामना न करना पड़े।
40 भेड़ों की मौत से गहरा आर्थिक संकट
इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुपालन ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में एक ही रात में 40 भेड़ों की मौत ने परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।