पूर्वांचल एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को तेजी से अंतिम आकार दिया जा रहा है। औरैया में 90 तो अन्य जिलों में 80 फीसदी से अधिक काम पूरा है। जनवरी के पहले हफ्ते तक इसे एक तरफ से खोल देने की पूरी तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पण हो सकता है। तब यह आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। शैलेश अवस्थी की रिपोर्ट....
औरैया। करमपुर गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर निर्माण का काम दिन-रात चल रहा है। 31 दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। सरकार की मंशा है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हो जाए। इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने पिछले दिनों निर्माण की प्रगति का जायजा लिया और इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जालौन से औरैया तक 35 किलोमीटर एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार है। बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन और इटावा में भी काम अंतिम चरण में है। इस एक्सप्रेसवे के किनारे दुकानें, कारखाने, गेस्ट हाउस, होटल और अन्य प्रतिष्ठान भी खोले जा रहे हैं।
डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर (औरैया) रोहित सिंह ने बताया कि दिसंबर तक के अंत तक फ्लाईओवर का काम पूरा होने के बाद एक तरफ का रास्ता खोला जा सकता है। नए साल में आवागमन शुरू कर सकते हैं। तीन महीने के भीतर पूरा एक्सप्रेसवे बन जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे यूपी के सात जिलों से गुजरेगा। इसी के साथ रोजगार और कारोबार के रास्ते भी खुलेंगे।
जानिए इस एक्सप्रेसवे को
भरतकूप (चित्रकूट) से कुदरैल (इटावा तक)
- लंबाई - 296.070 किलोमीटर, चौड़ाई - छह लेन (110 मीटर), लागत - 14,716.26 करोड़ रुपये, काम शुरू - फरवरी 2020, बन जाएगा - फरवरी 2022 तक।
इन जिलों से गुजरेगा - बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा।
रास्ते में नदियां - बागै, केन, श्यामा, चंद्रावल, बिरवा, यमुना, बेतवा और सेंगर। ढांचा - चार रेलवे ओवरब्रिज, 11 बड़े पुल, छह टोल प्लाजा, सात रैंप प्लाजा, 266 छोटे पुल और 18 फ्लाईओवर।
इतनी जमीन - सात जिलों के 182 गांवों के किसानों को मुआवजा देकर 3655.1655 हेक्टेयर जमीन ली गई। फायदे - वाहनों की ईंधन खपत घटेगी, कृषि, वाणिज्य, पर्यटन को बढ़ावा, औद्योगिक कॉरिडोर का विकास।