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अपहरण-कत्ल की कहानी: चार माह से सुब्हान से दोस्ती बढ़ा रहा था रियाज, साथ खेल रहे बच्चों ने पुलिस को दी जानकारी

Wed, 27 Mar 2024 10:12 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya News: सुब्हान के साथ क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने पुलिस को पूछताछ बताया कि सुब्हान बैटिंग के बाद आउट होने पर फीडिंग कर रहा था। तभी रियाज उर्फ मुन्ना वहां आया और सुब्हान से बोला कि मैं तुम्हें कब से ढूंढ़ रहा हूं। मेरे साथ चलो। इस पर सुब्हान फील्डिंग छोड़कर उसके साथ चल दिया।
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औरैया अपहरण और हत्याकांड के आठों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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औरैया जिले में अपहृत सराफा कारोबारी के इकलौते पुत्र की हत्या में पकड़े गए आरोपियों ने सूत्रों के अनुसार पूछताछ में 50 लाख रुपये फिरौती मांगने की साजिश होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने इस तरह की जानकारी से इन्कार किया है। घटना में हत्यारोपी की ओर से कस्बे के कई युवाओं को घटना वाले दिन वृंदावन चलने का न्यौता दिया था। गनीमत यह रही कि युवाओं के परिजनों ने जाने की अनुमति नहीं दी।

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इससे वह सभी बच गए। शनिवार को रियाज उर्फ मुन्ना घर के सामने रहने वाले सुब्हान को एमएस इंटर कॉलेज के पीछे स्थित क्रिकेट मैदान से बहला-फुसलाकर अपने साथ कार में ले गया। सूत्रों के मुताबिक जहां रियाज ने उसे दूसरे आरोपियों के सुपुर्द कर दिया। उक्त लोग सुब्हान को सबसे पहले नोएडा में उमरैन निवासी अंकित के कमरे पर ले गए। इस बीच कुछ लोग हत्यारोपियों को फोन करके पुलिस की पल-पल की जानकारी दे रहे थे।

इसके चलते देर रात कार से रियाज व सोहन वापस कस्बा लौट आए। वहीं दिल्ली पुलिस की मदद से किशोर को खोजते हुए टीम दिल्ली के पश्चिम बिहार थाना क्षेत्र के पीरागढ़ी में पहुंची। जहां से पुलिस ने एक कार से अटैची में बंद किशोर के शव को बरामद किया। पूरे घटनाक्रम के पीछे सूत्र के मुताबिक हत्यारोपियों की मृतक के पिता सराफा कारोबारी शकील से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने की योजना थी।

अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच जारी
उधर, कस्बा निवासी लड़कों ने बताया कि रियाज उर्फ मुन्ना तथा अंकित ने उन्हें भी घटना वाले दिन वृंदावन घूमने चलने के लिए साथ चलने को कहा था। अपने साथ ले जाने को कहा था, लेकिन परिजनों की ओर से मना करने पर वह नहीं गए। इससे वह इनके चंगुल में आने से बच गए। पुलिस से हत्या से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है। पुलिस की ओर से 50 लाख रुपये की फिरौती व वृंदावन घूमने की कहने की बात की पुष्टि नहीं की गई है। एसपी चारू निगम ने सिर्फ फिरौती को लेकर पूरा मामला होने की बात कही है।

देर रात कस्बा पहुंचा मृतक सुब्हान का शव, उमड़ी लोगों की भीड़
घटना में बरामद मृतक किशोर के शव को रात लगभग 10 बजे पुलिस एंबुलेंस से लेकर उमरैन पहुंची। शव आने की सूचना मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ मृतक के घर के बाहर जमा हो गई। वहीं सुरक्षा के लिहाज से कई थानों का भारी पुलिस बल सराफा कारोबारी के घर के बाहर तैनात रहा। किशोर का शव देख लोगों की आंखें नम हो गईं। रात लगभग 12 बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया।

24 साल पहले सऊदी अरब से कमाई करके कस्बे में खोली थी सराफ की दुकान
उमरैन निवासी शकील अहमद उर्फ पप्पू जो कि चार भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। लगभग 24 साल पहले सउदी अरब नौकरी करने चले गए थे। जहां से लौटने के बाद उन्होंने उमरैन में आकर ज्वैलर्स की दुकान खोली थी। शकील अहमद के तीन बच्चे थे। इसमें सुब्हान दो बहनों में अकेला भाई था। मृतक दूसरे नंबर का था। भाई की मौत के बाद बहन सुमायरा व बुशरा का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मां शकीला बेगम अपने जिगर के टुकड़े को अपने से दूर होते देख बार-बार बेहोश हो रहीं थीं।

साथ खेल रहे बच्चों ने पुलिस को दी थी जानकारी
साथ में क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने पुलिस को पूछताछ बताया कि सुब्हान बैटिंग के बाद आउट होने पर फीडिंग कर रहा था। तभी रियाज उर्फ मुन्ना वहां आया और सुब्हान से बोला कि मैं तुम्हें कब से ढूंढ़ रहा हूं। मेरे साथ चलो। इस पर सुब्हान फील्डिंग छोड़कर उसके साथ चल दिया। इसके बाद रियाज अपने साथ उसे सोभम की सफेद रंग की ऑल्टो कार में बिठा कर ले गया।

20 मार्च को खरीदा था सूटकेस
घटना में पूछताछ के दौरान हत्यारोपियों ने कुछ चौंकाने वाली जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार हत्यारोपी रियाज उर्फ मुन्ना, सोभम व अंकित 20 मार्च को किशनी से 27 सौ रुपये में ट्राॅली सूटकेस खरीदकर लाए थे। उन्होंने यह सूटकेस उसी कार में तब से रखा हुआ था। इससे यह बात भी साबित होती है कि हत्यारोपियों की सुब्हान का अपहरण करने व मारने की पहले से ही साजिश रची हुई थी।

उमरैन कस्बा स्थित एक दुकान से और बड़ा बैग लेने गए थे हत्यारोपी
सूत्रों से मिली जानकारी में हत्यारोपी शुक्रवार को उमरैन कस्बा में ईदगाह के पास स्थित एक सूटकेस बेचने वाली दुकान पर गए थे। जहां हत्यारोपियाें ने कई बैग देखे। इस पर दुकानदार ने उन्हें 36 इंच का बैग दिखाया तो हत्यारोपी उससे बड़ा बैग मांगने लगे। बताया कि वह सभी घूमने जा रहे हैं एक साथ एक ही बैग में सभी अपने-अपने कपड़े रखेंगे।

चार माह से सुब्हान से दोस्ती बढ़ा रहे थे हत्यारोपी
मामले में एक नया तथ्य भी सामने आया। जिसमें हत्यारोपी रियाज उर्फ मुन्ना, सोभम व अंकित पिछले चार माह से सुब्हान से दोस्ती बढ़ा रहे थे। सूत्रों के अनुसार इस बीच हत्यारोपी कई बार सुब्हान को कार से एरवाकटरा से लेकर इटावा तक ले गए थे। जहां खिला पिलाकर वापस ले आए। यहां तक की 15 दिन पहले हत्यारोपी सुब्हान को इटावा ले गए थे। तभी उनकी योजना थी कि वह सुब्हान को गायब कर दें, लेकिन बात न बनने पर वह वापस लौट आए थे।
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सुसाइड करने की धमकी देकर सोभम ने घर वालों से रुपये लेकर खरीदी थी सेंकेंड हैंड कार
इस प्रकरण में हत्यारोपी सोभम ने कार खरीदने को लेकर लगभग दो माह पहले सुसाइड करने की धमकी देकर घर वालों से कुछ रुपये लिए थे। वहीं कुछ रुपये कम पड़ने पर रियाज ने उसको रुपये दिए थे। जिस पर सोभम ने मथुरा नंबर की सेकेंड हैंड कार खरीदी थी। इसी कार से सुब्हान को ले जाया गया था। बताया कि हत्यारोपी जतिन के बहनोई मथुरा रहते हैं। उससे उनकी मदद से कार खरीदे जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार वहीं घटना से तीन दिन पहले एक एटीएम मशीन से चार-पांच कार्ड के माध्यम से हत्यारोपी रियाज व अंकित ने 40-50 हजार रुपये भी निकाले थे। वहीं हत्यारोपी आईफोन 15 प्रो मैक्स जैसे मोबाइल भी उपयोग करते थे।
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