उत्तर प्रदेश के औरैया में जिला प्रशासन की ओर से रमजान के महीने में मस्जिदों में तीन लोगों के नमाज पढऩे और रोजा खोलने की अनुमति दी गई है। हॉटस्पॉट क्षेत्र मोहल्ला दयालपुर में तैनात इंस्पेक्टर ने मस्जिद में भारी संख्या में पहुंचे रोजेदारों को यह कहकर लौटा दिया कि लिखित अनुमति दिखाओ नहीं तो जेल भेज दिया जाएगा।
यह चेतावनी सुनकर कर कई रोजेदार वापस लौट गए। इंस्पेक्टर की इस कार्यशैली से मुस्लिम समाज में रोष व्याप्त है। एक माह पूर्व सदर कोतवाली में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित व अपर जिलाधिकारी एमपी सिंह बैठक की थी।
जिसमें रमजान के दिनों में मस्जिद के अंदर तीन लोगों को नमाज अदा करने तथा धीमी आवाज में अजान पुकारने की अनुमति प्रदान करने की अनुमति दी थी। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दिन चार लोगों को नमाज पढऩे की अनुमति दी थी।
शनिवार को हॉटस्पॉट क्षेत्र मोहल्ला दयालपुर में मस्जिद में नमाज अदा करने के दौरान ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक अशोक कुमार ने नमाज पढऩे वालों को बुलाकर चेतावनी दी।
कहा पहले मस्जिद में नमाज पढऩे का अनुमति पत्र दिखाओ उसके बाद ही मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हो नहीं तो यहां नमाज नहीं पढ़ पाओगे। जिसको भी नमाज पढऩी हो वह अपने-अपने घरों में जाकर पढ़े। उधर निर्देशों का पालन करने के बाद भी पुलिस द्वारा यह कहे जाने पर आक्रोश व्याप्त है।