धारदार हथियार से दोनों पर हमला कर दिया
शोर सुनकर जब पति मोनू और जेठ सोनू बीच-बचाव के लिए पहुंचे, तो आरोप है कि हेड कांस्टेबल पहले से धारदार हथियार लेकर आया था और उसने दोनों पर हमला कर दिया। हमले में मोनू गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया, जबकि सोनू को भी गंभीर चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल में भर्ती कराया।
अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है
वहां से मोनू की हालत नाजुक देखते हुए उसे सौ शैय्या अस्पताल] औरैया रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले में क्षेत्राधिकारी अजीतमल मनोज गंगवार ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि युवक ने स्वयं को घायल किया है और अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संबंधित पुलिसकर्मी की गलती रही कि वह बिना फोर्स के मौके पर पहुंचा और मामले की जांच की जा रही है।
मामले में सामने आई है पुलिस की लापरवाही
घटना में यह बात भी सामने आई कि रात में एक हेड कांस्टेबल निजी मोटरसाइकिल से अकेले ही मौके पर पहुंच गया। आमतौर पर ऐसे मामलों में पर्याप्त पुलिस बल और उपनिरीक्षक की मौजूदगी आवश्यक मानी जाती है। बिना फोर्स के पहुंचना न केवल पुलिसकर्मी की सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण है, बल्कि कानून-व्यवस्था संभालने में भी कठिनाई पैदा कर सकता है।
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एम्बुलेंस न मिलने से बढ़ी दिक्कत
घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही भी सामने आई। घायल मोनू को रात 10:30 बजे सौ शैय्या अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजनों ने कई बार आपातकालीन सेवा को कॉल किया, लेकिन करीब तीन घंटे तक कोई सहायता नहीं मिली। यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने हेड कांस्टेबल महेश गुप्ता व दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। वहीं, पुलिस के अनुसार अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं होने की बात बताई गई है।