फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya: हेड कांस्टेबल पर मारपीट-अभद्रता के आरोप, पति-जेठ को लहूलुहान कर छोड़ा, पुलिस बोली- खुद को घायल किया

Sun, 19 Apr 2026 09:28 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya News: अजीतमल में हेड कांस्टेबल पर घर में घुसकर मारपीट और महिलाओं से अभद्रता का आरोप है। वहीं एम्बुलेंस न मिलने से घायल घंटों तड़पता रहा। पीड़िता ने हेड कांस्टेबल महेश गुप्ता व दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। वहीं, पुलिस ने अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं होने की बात बताई है।
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती घायल और जानकारी देती पत्नी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

औरैया जिले में अजीतमल कस्बा स्थित फिरोजनगर कोटला मोहल्ले में पुलिस कार्यशैली और स्वास्थ्य सेवाओं को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल पर घर में घुसकर अभद्रता करने और धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में महिला के पति व जेठ गंभीर रूप से घायल हो गए।

विज्ञापन

पीड़िता ललिता पत्नी मोनू के अनुसार, वह परिवार सहित एक निमंत्रण कार्यक्रम में गई थीं। घर लौटने के कुछ समय बाद उनके पति के मोबाइल पर हेड कांस्टेबल महेश गुप्ता का फोन आया, जिसमें परिवार के बारे में जानकारी ली गई। आरोप है कि थोड़ी देर बाद हेड कांस्टेबल मौके पर पहुंचा और ललिता व उनकी 13 वर्षीय बेटी के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करने लगा।

धारदार हथियार से दोनों पर हमला कर दिया
शोर सुनकर जब पति मोनू और जेठ सोनू बीच-बचाव के लिए पहुंचे, तो आरोप है कि हेड कांस्टेबल पहले से धारदार हथियार लेकर आया था और उसने दोनों पर हमला कर दिया। हमले में मोनू गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया, जबकि सोनू को भी गंभीर चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल में भर्ती कराया।

अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है
वहां से मोनू की हालत नाजुक देखते हुए उसे सौ शैय्या अस्पताल] औरैया रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले में क्षेत्राधिकारी अजीतमल मनोज गंगवार ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि युवक ने स्वयं को घायल किया है और अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संबंधित पुलिसकर्मी की गलती रही कि वह बिना फोर्स के मौके पर पहुंचा और मामले की जांच की जा रही है।

मामले में सामने आई है पुलिस की लापरवाही
घटना में यह बात भी सामने आई कि रात में एक हेड कांस्टेबल निजी मोटरसाइकिल से अकेले ही मौके पर पहुंच गया। आमतौर पर ऐसे मामलों में पर्याप्त पुलिस बल और उपनिरीक्षक की मौजूदगी आवश्यक मानी जाती है। बिना फोर्स के पहुंचना न केवल पुलिसकर्मी की सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण है, बल्कि कानून-व्यवस्था संभालने में भी कठिनाई पैदा कर सकता है।
विज्ञापन

http://



एम्बुलेंस न मिलने से बढ़ी दिक्कत

घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही भी सामने आई। घायल मोनू को रात 10:30 बजे सौ शैय्या अस्पताल के लिए रेफर किया गया, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजनों ने कई बार आपातकालीन सेवा को कॉल किया, लेकिन करीब तीन घंटे तक कोई सहायता नहीं मिली। यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने हेड कांस्टेबल महेश गुप्ता व दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। वहीं, पुलिस के अनुसार अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं होने की बात बताई गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें