प्रियंका और आशीष में हो गई थी कहासुनी
इसके बाद में प्रियंका ससुराल में डेढ़ साल रुककर छह माह पहले मायके बरौआ चली गई थी। वो यहां पर अपने चार बेटों के संग रह रही थी। परिजनों से कहासुनी होने के बाद वह बच्चों को लेकर औरैया में रहने लगी थी। उसके संग गांव लुहिया निवासी चचेरा देवर आशीष भी साथ रहता था। इसी बीच प्रियंका और आशीष में कहासुनी हो गई।
एक-एक कर बच्चों को डुबोया
इससे क्षुब्ध प्रियंका चारों बच्चों को ननिहाल चलने की बात कहकर घर से लेकर गई थी। प्रियंका बच्चों के संग ऑटो से लेकर देवरपुर पहुंची। वहां से उन्हें केशमपुर गांव के पास स्थित सेंगर नदी पुल पर गई, जहां उसने घाट पर चारों बच्चों को कुछ खाने को दिया। बेहोशी आते देख प्रियंका ने चारों बच्चों को एक-एक करके पानी में डुबोने लगी।
कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
सभी बच्चों को मरा समझकर बरौआ गांव भाग गई। पानी में डूबाने से आदित्य, माधव व मंगल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सबसे बड़ा बेटा सोनू मौके से बच गया था। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की। मामले की विवेचना कर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं और प्रियंका व आशीष को दोषी करार दिया। गुरुवार को न्यायाधीश ने मां को फांसी और प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई।