ग्राम पंचायत लहरापुर के मजरा टिढ़वा में एक माह पहले 11 वर्षीय बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था। एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने व उपचार कराने के बजाय परिजन झाड़-फूंक में लगे रहे। एक माह भी नहीं बीता और बच्चे की जान चली गई। अब परिजन अपनी लापरवाही पर खुद को कोश रहे हैं। हालांकि, जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिजनों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया गया है।
गांव टिढ़वा निवासी दिनेश कुमार का 11 वर्षीय पुत्र यश बाबू चार फरवरी को घर के बाहर खेल रहा था। इसी बीच किसी कुत्ते ने काट लिया। परिजन उसकी झाड़-फूंक कराने लगे। आराम मिलने की संभावना देख, वह यश बाबू का उपचार कराना भूल गए। यहां तक कि एंटी रेबीज का इंजेक्शन तक नहीं लगाया। 20 मार्च को अचानक यश की हालत बिगड़ी। वह परिजनों को काटने की हरकतें करने लगा। इस पर उनके होश उड़ गए। परिजन यश को लेकर चिचौली पहुंचे। यहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। वहां शुक्रवार शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को शव गांव आने पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, जानकारी पर परिजन सीएचसी सहार पहुंचे। वहां उन्हें एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
कुत्ते के काटने के एक माह बाद बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे को एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया गया था। शनिवार को परिजनों को वैक्सीन लगवा दी गई है। - डॉ. मनोज कुमार, डिप्टी सीएमओ