औरैया जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में जिस व्यक्ति का शव समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह करीब डेढ़ वर्ष बाद अचानक जिंदा अपने घर लौट आया।
डेढ़ साल पहले पारिवारिक विवाद में घर छोड़कर गया था कमल
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शनिवार को अजीतमल पुलिस कमल सिंह की पत्नी सुनीता को पूछताछ के लिए कोतवाली लेकर आई। कड़ाई से की गई पूछताछ में सुनीता ने बताया कि करीब 01.5 वर्ष पहले उसके पति ने अपने भतीजे को पैसे लेकर खेत दे दिया था। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ था और गुस्से में उसने पति से कह दिया था कि जब तक 02 लाख रुपये का इंतजाम न हो जाए, तब तक घर वापस न आए।
पत्नी के एक फोन कॉल से खुला राज, इटावा से मिली लोकेशन
कोतवाली में पूछताछ के दौरान सुनीता ने अपने मोबाइल पर पहले आए कुछ अज्ञात नंबरों पर दोबारा कॉल मिलाई। एक नंबर पर बात करने पर इटावा का एक युवक मिला। जब सुनीता ने फोन पर बात कराने की जिद की तो दूसरी तरफ उसका पति कमल सिंह निकला।
पानीपत से ग्वालियर तक मजदूरी, पैर टूटने के बाद कटा था संपर्क
कमल सिंह ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह पहले पानीपत गया, जहां उसने मुर्गी फार्म में काम किया। इसके बाद वह ट्रक पर हेल्परी करने लगा। 25 जून को भीखेपुर उतरने के बाद वह ससुराल गया और वहां से ग्वालियर चला गया, जहां प्लंबिंग का काम शुरू कर दिया।
पुलिस के सामने यक्ष प्रश्न, आखिर किसका था वह अज्ञात शव
कमल सिंह के जीवित वापस लौटने के बाद पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हाईवे किनारे मिले जिस अज्ञात शव की पहचान कमल के रूप में करके अंतिम संस्कार किया गया, वह असल में किसका शव था।