दो साल पहले जिले में निवेश का वादा करने वाले 242 निवेशकों में 124 निवेशक अब सामने नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा जिन्होंने हामी भरी, उनमें से भी कुछ ने लिखित रूप से विभाग को चिट्ठी लिखकर निवेश से इन्कार कर दिया है। वहीं कुछ ने रुपयों का प्रबंध न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में जिले में 4081 करोड़ से ज्यादा का निवेश अटक गया है।
दरअसल इन्वेस्ट यूपी के तहत दो साल पहले 12 फरवरी 2023 को यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी। इस दौरान जिले में ऐसे 242 लोग सामने आए जिन्होंने अलग-अलग 18 विभागों में उद्योग-धंधा शुरू करने के लिए ओएमयू यानी अनुबंध किया था। इसके तहत 5266 करोड़ 23 लाख रुपये की रकम निवेश करने की बात कही थी। इस निवेश में जिले में विकास का पहिया दौड़ाने के साथ ही 8660 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का खाका भी तैयार हुआ था।
अब दो साल बाद स्थिति यह है कि 242 निवेशकों में से 124 निवेशक अब तक सामने नहीं आ रहे हैं। जिन 118 ने हामी भरी भी है, उनमें से भी कई लोग आनाकानी कर रहे हैं। कई ने बाकायदा विभाग को लिखित में इन्कार कर दिया है। निवेश न होने और उद्योग न शुरू होने से रोजगार की उम्मीदें टूटी हैं।
जिला उपायुक्त उद्योग दुर्गेश कुमार के मुताबिक निवेशकों से संपर्क किया जा रहा है। निवेश की इच्छा जताने वालों में जिनके पास अपनी जमीन थी, उनका भूमि पूजन कराया गया था। अगर किसी को जमीन चाहिए तो प्लास्टिक सिटी में आवेदन कर सकता है।
इन विभागों के माध्यम से होना था निवेश
एमएसएमई, पशु पालन, डेयरी उद्योग, कृषि विभाग, हैंडलूम, उद्यान विभाग, यूपीसीडा, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स, पयर्टन, तकनीकी शिक्षा, हैंडलूम, फूड सेफ्टी, कोऑपरेटिव सहित कुल 18 विभाग शामिल हैं। इनमें से पांच विभागों में कोई नया काम शुरू नहीं हुआ है। कई विभाग लक्ष्य से काफी पीछे हैं।
निवेशकों ने इस तरह खींचे हाथ
केस एक : सपोर्टिंग हैंड्स फाउंडेशन ने मैकेनिकल फेब्रिकेशन एंड रिसाइक्लिंग के तहत निवेश के लिए एमओयू किया था। संस्था से जुड़े आशुतोष मिश्र ने बताया कि पहले इरादा किया गया था। अब कुछ कारणों से इसे रद्द कर दिया गया है।
केस दो : आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स के तहत एक एमओयू हुआ था। दर्शन युनाइटेड पावर के नाम से हुआ एमओयू अब आगे नहीं बढ़ सका है। संस्था से जुड़े आशीष द्विवेदी के मुताबिक उन्होंने प्लास्टिक सिटी में जमीन की मांग की थी। अब उन्होंने अपने ही कोल्ड स्टोरेज में काम शुरू कर दिया है। एमओयू को रद्द कर दिया है।
केस तीन : सीवीजी प्लांट के तहत निवेश की इच्छा जताने वाले रेड एनर्जी डायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने एमओयू किया था। अब उन्होंने भी यहां निवेश करने का इरादा बदल दिया है। संस्था से जुड़े आयुष शंकर के मुताबिक फिलहाल औरैया में निवेश की कोई तैयारी नहीं है।