वायरल ऑडियो के कुछ अंश-
प्रियरंजन : हेलो
शिवम : भइया नमस्ते
प्रियरंजन : नमस्ते, शिवम
शिवम : भइया
प्रियरंजन : तुम कहां हो? प्रजेंटली इलाहाबाद में तो नहीं हो न?
शिवम : हम नहीं। आस पास ही हैं भइया।
प्रियरंजन : सुनो मेरी बात। हमने अभी फूफा जी का नंबर दिया है। जो मेरा मामला देख रहे हैं। ठीक है। पापा से जाकर कह दो उनसे मिल लें। तुम्हारे लिए हम एफिडेविट देंगे अपना।
शिवम : ठीक है।
प्रियरंजन : हम उसमें लिखकर देंगे कि शिवम से मुलाकात 17 को हुई थी। पहली मुलाकात 17 को हुई थी और लास्ट मुलाकात 18 को हुई थी। जिस प्लाॅट की रजिस्ट्री होनी थी, वह अंडर रजिस्ट्री थी नहीं। इसके लिए चेक वो हमको वापस कर गए थे। हम ये स्टेटमेंट तुम्हें लिखकर देंगे। ठीक है। इसके अलावा इनका कोई रोल है ही नहीं। वह न पहले जानते थे न अब जानते हैं।
शिवम : जी।
प्रियरंजन : जो राहुल का बैक ग्राउंड है, लेकिन इनको भेजो फूफा के पास वहां बैठकर समझ लेंगे। ठीक है।
शिवम : हां।
प्रियरंजन : अगर जरूरत पड़ी तो एक सप्ताह और आगे बढ़वा लेंगे।
शिवम : भइया ई कइसो कलेश कटवाओ। हमारी तो इतनी लेथन हो गई है कि पूरे परिवार, समाज में बदनामी हो रही है।
प्रियरंजन : सब कटेगी।
शिवम : आपको भी पता है भइया ब्याज पर रुपये लेके मुकदमा लड़ रहे हैं।
प्रियरंजन : इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। दो दिन में सब परेशानी दूर कर देंगे। अखिलेश से कहना अभी हमसे मिलकर जाए। ठीक है। हम उनसे शाम को बात करेंगे।
दूसरा वायरल ऑडियो के कुछ अंश
शिवम : भइया कहीं व्यवस्था नहीं है। देख लो भइया।
प्रियरंजन : हम कर देेंगे। हम कर देंगे।
शिवम : हमें तो लग रहा है मेरा मिस यूज हुआ है। भइया हम कहां जाकर फांसी लगा लें।
प्रियरंजन : कुछ मत करो। परेशानी है। मेरे सबसे नजदीकी लोगों में राहुल जैन, राजीव पांडेय जी ये सब अपने लोग थे, कोई बाहरी वाले तो थे नहीं।
शिवम : हां
प्रियरंजन : बस एक काम और कर लो जो हमने बताई है। हम दो दिन में सब ठीक कर देंगे। जैसे हो बताइए।
शिवम : हां, चलो ठीक है।