कानपुर के हैलट में मरीजों को दवाएं नसीब नहीं हो रहीं हैं, वहीं शुक्रवार को मेडिसिन विभाग के पीछे पोस्टमार्टम हाउस के पास काफी मात्रा में दवाएं फेंकी गईं और उन्हें जलाने की कोशिश की गई। इसका पता चलते ही अस्पताल में सनसनी फैल गई।
उधर, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने ये दवाएं हैलट की होने से इनकार किया है। बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। हैलट परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के पास दोपहर में काफी मात्रा में दवाएं पड़ी मिलीं। कुछ दवाएं जला दी गई थीं, जबकि ज्यादातर दवाएं ऐसी ही पड़ीं थीं।
इनमें जीवनरक्षक सहित विभिन्न तरह की दवाएं, ग्लूकोज की बोतलें, सीरप शामिल हैं। ज्यादातर दवाओं की सील भी नहीं खुली थी। चर्चा फैल गई कि ये दवाएं हैलट की हैं, जिन्हें मरीजों को नहीं बाटा गया। मरीज मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। पर, मनमानी पर उतारू फार्मेसिस्टों ने इन्हें मरीजों को देने के बजाय फेंक दिया। इनमें से कुछ दवाएं एक्सपायर भी हो चुकी हैं।