बारिश के मौसम में वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण तेज हो रहा है। बालरोग अस्पताल की ओपीडी में बुखार, निमोनिया और डायरिया के रोगियों की लाइन लगी रही। इसी तरह मेडिसिन विभाग की ओपीडी में डेंगू के लक्षणों वाले बुखार और वायरल संक्रमण के रोगी अधिक आए। इसके अलावा निमोनिया से तीन बच्चों की मौत हो गई।
मैटरनिटी विंग के पीडियाट्रिक आईसीयू में 20 बच्चे वेंटिलेटर पर हैं। वायरल संक्रमण के बाद रोगियों को निमोनिया हो गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि इस वक्त अस्पताल में 157 रोगी भर्ती हैं। 20 रोगियों को गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वायरल संक्रमण से ही निमोनिया और इंसेफ्लाइटिस हो जा रहा है। एक बच्चे को डेंगू के लक्षण हैं। उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इसी तरह मेडिसिन विभाग में वायरल फीवर के रोगी आ रहे हैं। दिमागी बुखार के रोगियों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।
नौबस्ता के रंजीत के डेढ़ साल के बच्चे और कल्याणपुर के राजीव के दो साल के बच्चे की निमोनिया से मौत हो गई। उनका इलाज क्षेत्र के निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर हैलट आए थे। इसी तरह एनआईसीयू में एक बच्चे की मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने निमोनिया बताया था। ओपीडी से 12 रोगियों के सैंपल डेंगू की जांच के लिए भेजे गए।