रसूलाबाद (कानपुर देहात)। भीखदेव कहिंजरी गांव में शनिवार रात पुलिस टीम पर हमले व दरोगा की पिस्टल-कारतूस छीनने की घटना में मुख्य आरोपी रफीक, उसके 12 परिजनों और बहराइच जिले के फतेहउल्लापुर राम गांव के एक इमाम समेत 15 अज्ञात के खिलाफ डकैती, मुजहमद, जानलेवा हमला और सरकारी कार्य में बाधा की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने इमाम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है जबकि, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व पिस्टल-कारतूस की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
कहिंजरी गांव के आजाद बख्श की बेटी शाह बेगम ने भीखदेव गांव निवासी पति अजमत पर दो वर्ष पूर्व दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। इधर गुरुवार को शिकायत पर महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर के आदेश पर पुलिस ने पीड़िता के ससुर रफीक को बुलाकर समझाया तो वह बहू को साथ रखने के लिए राजी हो गए थे।
शनिवार को पुलिस जब शाह बेगम को लेकर भीखदेव पहुंची तो ससुरालियों कोर्ट में चल रहा मुकदमा वापस लेने की मांग की, इस पर विवाद हो गया। देखते ही देखते रफीक अली, अजमत व अन्य परिजनों ने पुलिस व महिला पर हमला कर दिया। हमले में चौकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह पाल और सिपाही समर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर चौकी इंचार्ज की पिस्टल भी छीन ले गए। पिटाई में महिला के पैर में फ्रैक्चर हो गया। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए।
सीओ रामशरण सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से सिपाही सत्यपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी भीखदेव निवासी शमशेर, अली शेर, हसीब और बहराइच के फतेहउल्लापुर राम गांव के रहने वाले व भीखदेव मस्जिद के इमाम मोहम्मद तलहा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन्हीं आरोपियों पर शाह बेगम की तरफ से उत्पीड़न व जानलेवा हमले की दूसरी रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
मोहल्ले में पुलिस तैनात, गलियों में सन्नाटा
भीख देव में हुई घटना के बाद यहां पांच दरोगा और पांच सिपाहियों की तैनाती की गई है। एलआईयू की टीम को भी सक्रिय किया गया है। घटना में चार महिलाएं भी नामजद हैं। आरोपियों के फरार होने से बाद महिलाएं भी बच्चों को लेकर कहीं चली गई हैं। मोहल्ले में सन्नाटा हो गया है। प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण मिश्र ने बताया कि ऐहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
12 साल पूर्व भीखदेव की मस्जिद में रुका था पाकिस्तानी
रसूलाबाद। भीखदेव में बहावी (मरकज के जमाती) की काफी आबादी है। इनकी अलग मस्जिद भी है। वर्ष 2009 में कानपुर पुलिस ने एक पाकिस्तानी को संदेह होने पर पकड़ा था। पूछताछ में उसने भीखदेव की मस्जिद में कुछ दिन रुकने की बात कबूल की थी। उसने बताया था कि एक पीसीओ से उसने पाकिस्तान में बात की थी। तब कानपुर पुलिस ने भीखदेव में आकर छानबीन की थी।
आरोपी पर 13 बार हो चुकी शांतिभंग की कार्रवाई
- शाह बेगम के पिता आजाद बख्श ने पुलिस को बताया कि समधी रफीक झगड़ालू किस्म का है। करीब 15 वर्ष पूर्व दो सिपाहियों से भी हाथापाई कर चुका है। तब पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की थी। पहलवानी का उसे शौक रहा है। इसी वजह से उसका नाम हक्कल पहलवान पड़ गया। थाना प्रभारी ने बताया कि रफीक पर गोहत्या व एससी/एसटी और बहू के उत्पीड़न व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज है। इस पर 13 बार शांतिभंग की कार्रवाई की जा चुकी है।
एडीजी से अर्जित संपत्ति की जांच कराने की मांग
रसूलाबाद। एडीजी भानु भाष्कर शनिवार की देर रात भीखदेव पहुंचे थे। पीड़िता शाह बेगम के भाई कयूम, फारुख व समाजसेवी राहुल तोमर आदि ने एडीजी से रफीक व उसके परिजनों की अर्जित संपत्ति की जांच कराने की मांग की। बताया कि रफीक दिखावे के लिए खोखे में छोटी सी दुकान किए हैं। बेटा अजमत कानपुर के पनकी में सड़क किनारे फाइबर के बर्तन बेचने का काम करता है। इसके बावजूद गांव में सुविधा युक्त तीन बड़े मकान हैं। रफीक ने सात सालों में खुद व परिजनों के नाम से 45 बीघे कृषि भूमि खरीदी है। उसी ने गांव में अलग मस्जिद बनवाई है। एडीजी ने जांच का भरोसा दिया है।
घायल पुलिस कर्मियों की हालत में सुधार
रसूलाबाद। कहिंजरी चौकी इंचार्ज गजेेंद्र सिंह पाल और हेड कांस्टेबल समर सिंह की हालत में सुधार है। राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर ने रविवार भोर कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में पहुंच कर घायल चौकी इंचार्ज व हेड कांस्टेबल का हाल लिया।