राजपुर। छत पर कपड़े सुखाने गई महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। वह जान बचाने के लिए भागी और जाल से टकराकर छत से नीचे गिर गई। इससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई न करने की बात कहकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। हादसा सोमवार को राजपुर में हुई।
राजपुर निवासी फैय्याज अहमद की पत्नी नाजमा खातून (50) सोमवार को कपड़े धोने के बाद सुखाने के लिए घर की छत पर गई थी। वहां अचानक बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। वह चीख कर जान बचाने के लिए भागी। इसी दौरान छत पर लगे जाल से टकराकर नाजमा नीचे गिर गई। परिजन उसे फौरन इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर ले गए। वहां डा. डीके सिंह ने नाजमा को मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। फैय्याज ने बताया कि वह चाय की दुकान से परिवार का भरण-पोषण करता है। थानाध्यक्ष विक्रम सिंह के मुताबिक परिजनों ने कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
फैय्याज अहमद ने बताया कि उसकी बेटी रेशमा की 20 नवंबर को बारात आनी है। घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं। इसी दौरान सोमवार को हादसे में नाजमा की मौत हो गई। वह वह बेटी की शादी को लेकर उत्साहित थी। शादी का और सामान लेने के लिए सोमवार को उसे कानपुर जाना था। इसी जल्दबाजी में वह कपड़े सुखाने के लिए छत पर गई थी, तभी हादसा हो गया। उसके छह संतानों में उसके तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। दो बेटे गुजरात में नौकरी करते हैं।छोटा बेटा आफाक उसके काम में हाथ बंटाता है। सबसे बड़ी बेटी रेशमा की शादी है होनी। बारात औरैया के खानपुर से आनी है।