कानपुर। मुजाहिद्दीन आर्मी का गठन हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या करा सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रचने के आरोपी भले ही अलग-अलग शहरों से हैं लेकिन सभी व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े थे। यह बात एटीएस की जांच में सामने आई है। आरोपियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था जिसमें करीब 20 सदस्य थे। पकड़े गए पांचों युवक इस ग्रुप के एडमिन हैं। ग्रुप से कुछ मैसेज और वीडियो डिलीट किए गए हैं जिन्हें रिकवर कराने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब और साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
एटीएस ने सोमवार को शहर के सुजातगंज निवासी तौसीफ, सुल्तानपुर निवासी अकमल रजा, सोनभद्र निवासी सफील सलमानी और रामपुर निवासी कासिम अली को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में सामने आया कि मास्टरमाइंड फतेहपुर का मोहम्मद रजा है। उसे एटीएस ने मंगलवार को केरल से गिरफ्तार किया। वह वहां कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा था। टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुख्यालय लेकर आएगी।एटीएस सूत्रों के मुताबिक पांचों आरोपी जिस व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े हुए थे, उसमें अधिकतर युवकों की डीपी में फोटो की जगह धार्मिक व जेहादी संदेश लिखे हैं। एटीएस उन संदेशों को भी घटनाओं और साजिश से जोड़कर देख रही है। सोमवार को उठाए गए रेलबाजार और घंटाघर के युवकों से गुप्त जगह पर पूछताछ की जा रही है।
निकाली जा रही कॉल डिटेल और लोकेशन
एटीएस सूत्रों के अनुसार आरोपियों से कुछ ही जानकारी मिली है। अभी उनकी पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने की तैयारी है। इससे पहले टीम साक्ष्य हासिल करने और आरोपियों की बीते दिनों की गतिविधियों को जानने में जुटी है। आरोपी पिछले दिनों कहां-कहां गए। किसके साथ बातचीत की। इन सभी की जानकारी के लिए पांचों के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल निकाली जा रही है। आरोपियों की कानपुर और आसपास के जिलों में मुलाकात हुई थी। डिटेल और लोकेशन से इसकी पुष्टि हो सकेगी। एटीएस पांचों युवकों और उनके साथ कुछ अन्य के बैंक खातों के ट्रांजेक्शन खंगाल रही है। मंगलवार को बैंक के अधिकारियों से बातचीत भी की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मंसूबों को अंजाम देने के लिए मास्टरमाइंड के खाते में रुपये जमा करा रहे थे। एटीएस के अधिकारी आरोपी सरगना मोहम्मद रजा के खाते में मिली धनराशि के स्रोत तलाश रहे हैं। नकद राशि को जमा करने वाले की पहचान के लिए संबंधित शाखा में उस दिन की फुटेज चेक कराई जा रही है। मोहम्मद रजा की जानकारी जुटाने के लिए केरल की पुलिस से भी सहयोग मांगा है।
खुफिया एजेंसी ने मांगी जानकारी
सुजातगंज से तौसीफ की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसी अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को एलआईयू के एडीसीपी महेश कुमार ने एटीएस के अफसरों से तौसीफ और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई है। वह कहां रह रहा था और किसके साथ जुड़ा हुआ था इसके बारे में बातचीत की। हालांकि एटीएस अफसरों ने कुछ खास जानकारी नहीं दी।