यूपी एटीएस ने सोमवार को 25 हजार के इनामिया कुर्बान अली को बाबूपुरवा इलाके से गिरफ्तार किया। कुर्बान अली नौ साल से फरार चल रहा था। उसके गिरोह के साथियों को तीन साल पहले सजा भी हो चुकी है। गिरोह खुद असलहे बनाकर गन हाउस मालिकों की मदद से बेचता था।
कुर्बान पर देशद्रोह समेत एक दर्जन गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। 2013 में एटीएस कानपुर यूनिट ने एक गिरोह का राजफाश कर डेढ़ सौ असलहे बरामद किए थे। इसमें राइफल, 9एमएम पिस्टल आदि थे। एटीएस ने खुलासा किया था कि कुर्बान अली व उसका भाई रमजान अली पनकी व आसपास के इलाकों में फैक्टरी लगाकर असलहे बनाते हैं।
उसके बाद लखनऊ, कानपुर व सिरसा (हरियाणा) के गन हाउसों की मदद से लाइसेंसों पर इन असलहों को असली बताकर बेचते हैं। एटीएस ने गन हाउस मालिकों, रमजान अली समेत करीब दस आरोपियों को उस वक्त जेल भेजा था। इन सभी को 2019 में सजा हो चुकी है। मगर कुर्बान अली हाथ नहीं आ रहा था। इस बीच रविवार रात को एटीएस को इनपुट मिला कि कुर्बान अली बाबूपुरवा स्थित अपने घर आया है। तभी टीम ने दबिश देकर उसे दबोच लिया।