भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि विसर्जन में भाजपाइयों की तरह दूसरे राजनीतिक दल भी तैयारी में जुटे हैं। बुधवार को भाजपाइयों के एक दल ने कांग्रेस, बसपा और सपा के जिलाध्यक्षों से मिलकर अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने के लिए न्योता भी दिया। भाजपा इस यात्रा को सर्व समाज की यात्रा का रूप देने में जुटी है। इस मौके पर भाजपा सहित कोई भी दल अपनी पार्टी का झंडा नहीं लगाएगा।
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अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि कलश
अस्थि विसर्जन 24 को बिठूर के पत्थर घाट (ब्रह्मावर्त घाट) पर किया जाएगा। इसमें प्रदेश सरकार के पांच मंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा जाजमऊ से लेकर बिठूर तक पूरे रास्ते स्वागत और व्यवस्था की जिम्मेदारी भाजपा की मंडल इकाइयों को दी गई है। बुधवार को जिला प्रशासन और भाजपा जिला इकाई पदाधिकारियों ने जिन रास्तों से यात्रा जाएगी, उसका निरीक्षण किया। जहां भी कुछ अवरोध देखा गया उसे दूर भी किया गया। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि स्वागत के लिए स्थान तय कर दिए गए हैं।
इस बीच भाजपा दक्षिण इकाई की बैठक में अध्यक्ष अनीता गुप्ता ने बताया कि बार एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, चार्टर्ड अकाउंटेंट व ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के लोग भी अस्थि कलश यात्रा में शामिल होंगे। निरीक्षण अवसर पर एसपी ट्रैफिक सुशील कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा के अलावा तैयारी बैठकों में सुनील बजाज, सत्येंद्र पांडेय, राकेश तिवारी, शिवराम सिंह, शिवशंकर सैनी आदि मौजूद रहे।
मोदी चले थे पांच किलोमीटर, मंत्री चलेेंगे 500 मीटर
अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि कलश
अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि विसर्जन यात्रा में आने वाले प्रदेश सरकार के पांच मंत्री यात्रा में 500 मीटर पैदल चलेंगे। 24 को लखनऊ से चलकर बिठूर तक जाने वाली यात्रा बिठूर के नानाराव पार्क में कुछ देर के लिए रुकेगी। जहां से कलश एक खुली गाड़ी पर आगे रहेगा उसके पीछे सभी मंत्री और श्रद्धांजलि देने वाले लोग पत्थर घाट तक पैदल जाएंगे।
पार्क से पत्थर घाट करीब 500 मीटर दूरी पर है। पार्टी की बैठक में जिस समय यह योजना बनाई जा रही थी, उसी दौरान यह भी चर्चा आई कि अटल जी की अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी पांच किलोमीटर चले थे, मंत्री सिर्फ पांच सौ मीटर ही क्यों।