झींझक। रेलवे के उप मुख्य यातायात प्रबंधक की ओर से झींझक में ट्रेनों के ठहराव का आश्वासन मिलने पर रविवार को स्टेशन पर चल रहा आमरण अनशन तीसरे दिन समाप्त हो गया। अधिकारी ने अनशनकारियों से वार्ता कर मांग पत्र लिया और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मुकुल शुक्ला और मंडल संयोजक कौशल किशोर मिश्रा के नेतृत्व में दो अक्तूबर यानी गांधी जयंती पर धरना शुरू किया गया था। बाद में इसे आमरण अनशन में बदल दिया गया। आंदोलनकारियों ने झींझक स्टेशन पर अप-डाउन जम्मू मेल, संगम एक्सप्रेस, अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर-नई दिल्ली और कोटा-पटना एक्सप्रेस के ठहराव के साथ अप रीवा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की थी।
रविवार को कानपुर से पहुंचे रेलवे के उप मुख्य यातायात प्रबंधक आंकाशु गोविल ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। उन्होंने डीएफसीसी लाइन की ओर खानपुर रोड से मंगलपुर-रसूलाबाद मुख्य रोड तक संपर्क सड़क बनवाने तथा स्टेशन की ओर सड़क और पीछे की तरफ सीढ़ियां बनवाने का आश्वासन दिया। रेलवे ओवरब्रिज पर सीढ़ियां बनवाने के लिए सेतु निगम से वार्ता करने की बात कही। ट्रेनों के ठहराव के संबंध में उच्चाधिकारियों के समक्ष मांग रखने का भरोसा दिया।
आंदोलनकारियों ने प्लेटफॉर्म तीन व चार के विकास, शेड, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल और आधुनिक शौचालय बढ़ाने की भी मांग रखी। बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों के लिए लिफ्ट या एस्केलेटर, तिरंगा सेल्फी पॉइंट और पार्किंग के पास मॉडल स्टेशन की तर्ज पर ओपन जिम बनवाने की मांग भी की गई। इससे पहले स्वास्थ्य टीम ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
बाद में करीब 2 बजकर 45 मिनट पर उप मुख्य यातायात प्रबंधक आंकाशु गोविल व वाणिज्य निरीक्षक ललित गुप्ता ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। यहां कन्हैया पोरवाल, प्रदीप शर्मा, बृजेंद्र पाल, शैलेंद्र पांडेय, अंशू यादव, प्रमोद कुमारी पांडेय, मानू पांडेय, राहुल सिंह, कपिल शुक्ला आदि मौजूद रहे।