उन्होंने कहा, अभी आचार संहिता लगी हुई है। ऐसे में जिले के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों से संबंधी कोई भी बैठक 12 अप्रैल के बाद ही हो सकती है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही महानगर आकर लोगों से मुलाकात करेंगे और जनहित से जुड़ी बातों को सुनकर उनका निराकरण भी कराएंगे।
इस बीच, मंगलवार को भी महाना के विधानसभा अध्यक्ष बनने पर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा। पार्टी और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी। बताते चलें कि महाना विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी संभालने वाले कानपुर के दूसरे नेता हैं। इनसे पहले वर्ष 1990-91 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में कानपुर के हरिकिशन श्रीवास्तव विधानसभा अध्यक्ष रहे।