बोट की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग चार चैंबर लगे हुए हैं। यदि कोई दो चैंबर किसी कारण से खराब या नष्ट हो जाता हैं तब भी बोट जवानों का भार सहते हुए चलती रहेगी। इस बोट की स्पीड 15-20 नॉट है जिसे घटाया बढ़ाया जा सकता है।
यह ठहरे और तेज रफ्तार वाले पानी में बेहतर तरीके से चलती है। बेहद हल्की बोट को कोई भी एक जवान आसानी से उठा सकता है। निर्माणी के महाप्रबंधक जीसी राउत ने बताया कि निर्माणी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। मेक इन इंडिया अभियान के तहत असम पुलिस की मांग पर बोट तैयार की गई है। ऐसा पहली बार होगा जब ओपीएफ का उत्पाद पुलिस के पास जा रहा है।