आरोपी विनीत को जब आईसीयू में भर्ती किया जा रहा था, तभी उसने मुंह से मास्क हटाकर डॉक्टर से कहा कि उसने सल्फास खा लिया है। हालांकि यह भी कहा कि उसकी कोई गलती नहीं है। पिता की जगह मृतक आश्रित के रूप में विनीत को जिला प्रशासन में बाबू की नौकरी मिली है।
शुरू में वह एसीएम-6 के साथ अटैच था। तीन महीने पहले पटल बदलकर उसे असलहा विभाग में ड्यूटी दी गई थी। विनीत के दो बच्चे हैं। बेटा चार साल का है, बेटी 11 साल की। एक दिन पहले ही विनीत दोनों बच्चों को लेकर रक्षाबंधन की खरीददारी करने गया था।
उसके रिश्तेदार ने बताया कि वे काफी दिन से डरे हुए थे। ऐसा लग रहा था जैसे उन पर कोई दबाव डाल रहा है। हालांकि उन्होंने बस इतना ही बताया कि मीडिया में उनको लेकर तरह-तरह की बातें चल रही हैं।