यूपी के कानपुर से गहरा रिश्ता रखने वाले अश्विनी धीर एक बार फिर अपनी कॉमेडी फिल्म से दर्शकों को खूब लोटपोट कर रहे हैं। ठेठ कनपुरिया स्टाइल को छोटे और बड़े पर्दे तक पहुंचाने वाले राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर अश्विनी धीर की फिल्म ‘गेस्ट इन लंदन’ 7 जुलाई को रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म में साल 2010 में आई अजय देवगन की फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे? की झलक दिखाई दे रही थी। अश्विनी ने सारी बातों को स्पष्ट करते हुए कहा कि ये दोनों फिल्में बहुत अलग हैं। अश्वनी धीर ने ‘अतिथि तुम कब जाओगे?’ फिल्म का भी लेखन किया था।
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अश्वनी धीर की फिल्म गेस्ट इन लंदन
अश्विनी ने कहा कि मीडिया में ऐसी बातें सामने आई हैं कि गेस्ट इन लंदन फिल्म ‘अतिथि तुम कब जाओगे?’ का सीक्वल है जबकि ऐसा नहीं है। ‘अतिथि तुम कब जाओगे?’ में एक बिन बुलाये अतिथि की कहानी दिखाई गई थी लेकिन गेस्ट इन लंदन की कहानी बिल्कुल अलग है। दोनों फिल्मों में सिर्फ परेश रावल के गेस्ट बनने और टाइटल में ‘गेस्ट’ शब्द कॉमन होने की वजह से लोग इसे सीक्वल मान रहे हैं। अश्विनी ने बताया कि उन्होंने और उनके स्क्रिप्ट राइटर ने इस कॉन्सेप्ट पर बहुत काम किया है। फिल्म में कार्तिक आर्यन, कृति खरबंदा, तन्वी आजमी का अभिनय अच्छा है। संजय मिश्रा ने भी अच्छा काम किया है। परेश रावल फिल्म की जान हैं।
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अश्वनी धीर की फिल्म गेस्ट इन लंदन
अश्विनी धीर बॉलीवुड में सफल फिल्म निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। उनका जन्म 23 सितंबर 1968 को कानपुर उत्तर प्रदेश में हुआ था। अश्विनी इससे पहले ‘सन ऑफ सरदार’, ‘अतिथि तुम कब जाओगे’, ‘वन टू थ्री’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘लापतागंज’, ‘नीली छतरी वाले’, ‘चिड़ियाघर’ और ‘पीटरसन हिल’ टीवी सीरियल भी बनाए हैं। अश्विनी अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। अश्विनी के साथ उनके भाई मुकेश धीर भी फिल्म प्रोडक्शन का काम करते हैं। मुकेश धीर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हमदोनों भाइयों ने कानपुर से बहुत कुछ सीखा है। कनपुरिया अंदाज बॉलीवुड में खूब पसंद किया जाता है। यही वजह है कि हम अपनी फिल्मों और टीवी सीरियल्स में कानपुर की बोली का इस्तेमाल करते हैं। आने वाले दिनों में हम अपनी कुछ फिल्मों की शूटिंग अपने शहर में करने जरूर आएंगे।
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गेस्ट इन लंदन फिल्म का सीन
'गेस्ट इन लंदन' की कहानी
फिल्म की कहानी लंदन में बेस्ड है, जहां आर्यन ग्रोवर (कार्तिक आर्यन) और अनाया पटेल (कृति खरबंदा) एक साथ रहते हैं। कुछ दिनों बाद गांव से चाचा (परेश रावल) और चाची (तनवी आजमी) की एंट्री होती है। उसके बाद कहानी में उतार-चढ़ाव आने लगते हैं। अलग-अलग सिचुयेशन आती हैं। कभी आफिस तो कभी मॉल में अलग-अलग कहानी सामने आती है। साथ ही बहुत सारे बदलाव आने लगते हैं। ईस्ट और वेस्ट के संस्कारों और बाकी कई बातों का जिक्र होने लगता है। हंसी-मजाक के बीच एक बड़ी बात कहने की कोशिश की जाती है और फिल्म को अंजाम मिलता है। चाचा का निराला अंदाज लोगों को लोटपोट कर देगा। पूरी फिल्म की जान परेश रावल हैं।
बॉक्स ऑफिस: फिल्म का बजट 25 करोड़ (20 करोड़ प्रोडक्शन और 5 करोड़ प्रोमोशन) है और इसे लगभग 800-900 स्क्रीन्स में रिलीज किया जाने वाला है। फिल्म की अवधि: 2 घंटा 18 मिनट है।
अश्विनी धीर बॉलीवुड में सफल फिल्म निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक हैं। उनका जन्म 23 सितंबर 1968 को कानपुर उत्तर प्रदेश में हुआ था। अश्वनी इससे पहले सन ऑफ सरदार, अतिथि तुम कब जाओगे, वन टू थ्री, यू मी और हम जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने लापतागंज, नीली छतरी वाले, चिड़ियाघर और पीटरसन हिल टीवी सीरियल भी बनाये हैं। अश्वनी अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। अश्वनी के साथ उनके भाई मुकेश धीर भी फिल्म प्रोडक्शन का काम करते हैं।