संदलपुर(कानपुर देहात)। क्षेत्र के कसोलर गांव की आशा कार्यकर्ता की डेंगू की चपेट में आने से मौत हो गई। आशा कार्यकर्ता को तेज बुखार आने के बाद हैलट कानपुर में भर्ती किया गया था। वहां रविवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई।
संदलपुर ब्लॉक के कसोलर गांव निवासी अनुरुद्ध कुमार ने बताया कि पत्नी रीनू देवी (42) वर्ष 2005 से सीएचसी हवासपुर में आशा कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत थीं। 26 सितंबर को विभाग का काम निपटाने के बाद वह घर पहुंची। अचानक तेज बुखार से उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन इलाज के लिए सैफई पीजीआई ले गए। वहां भी हालत में सुधार न होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। हैलट में आशा कार्यकर्ता की कोरोना जांच के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। डॉक्टर ने डेंगू की जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रविवार रात आशा कार्यकर्ता की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसकी जानकारी पर सास कृष्णा कांती, बेटा रविकांत, बेटी कविता, वर्षा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सोमवार को शव गांव पहुंचा और परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी है। स्वास्थ्य कर्मियों को सर्वे के लिए भेजा गया है। मंगलवार को जांच के लिए स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी।
-स्वास्थ्य टीम ने शिविर लगाकर मृतक के परिजनों की जांच कर दवा का वितरण किया। साथ ही मोहल्ले के जलभराव को खत्म किया गया है। मोहल्ले में दवा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जा रही है।
-डॉ. एपी वर्मा, डिप्टी सीएमओ
रिपोर्ट में टीम ने मृतक को बताया स्वस्थ
स्वास्थ्य टीम उपचार व सैंपल लेने में लगातार जल्दीबाजी कर रही है। झींझक के खानपुर रोड निवासी भूपेंद्र सिंह गौर की डेंगू से मौत हो गई थी। दूसरे दिन अस्पताल में तैनात डॉ. प्रतीक पांडेय के नेतृत्व में टीम मोहल्ले में पहुंची। वहां मृतक के परिजनों की जांच की। साथ ही मोहल्ले में दवा वितरण की गई। स्वास्थ्य टीम ने जब जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी तो उसमे मृतक भूपेंद्र को लिखापढ़ी में स्वस्थ बता दिया। झींझक स्वास्थ्य टीम की यह रिपोर्ट पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही है। वहीं, रसूलाबाद के लोहिया नगर में प्रदुम्न की मौत के बाद स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। मोहल्ले में दवा का छिड़काव तक नहीं किया गया।