कानपुर। पारा लुढ़कने के बावजूद नगर निगम ने अभी तक न तो सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलवाए और न ही अफसर अलाव के लिए लकड़ियों का बंदोबस्त कर पाए। अब टेंडर आमंत्रित किए हैं। यह 17 दिसंबर को पड़ेंगे। इसकी जांच और कार्यादेश जारी होने में भी समय लगेगा, तब तक राहगीरों के ठिठुरने को मजबूर रहने की आशंका है। सार्वजनिक स्थानों से लेकर रैन बसेरा तक में रात बिताने वाले भी ठिठुरने के लिए मजबूर हैं।
267 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले नगर निगम क्षेत्र के लिए गत वर्षों में नवंबर से ही अलाव की लकड़ियां खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। सभी 31 रैन बसेरा के साथ ही घंटाघर, झकरकटी बस अड्डा, चुन्नीगंज बस अड्डा, हैलट, उर्सला सहित 50-60 स्थानों से अलाव जलाने की शुरुआत होती थी। इस बार अभियंत्रण विभाग को इसी माह में टेंडर कराने की सुध आई।
नगर निगम के जोन एक से लेकर जोन-छह के विभिन्न स्थलों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ी आपूर्ति के 88 लाख रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इनमें से जोन-दो में 14.98 लाख, जोन-3 में 14.96 लाख रुपये, जोन-4 के लिए 14.93 लाख रुपये, जोन-6 के लिए 14.90 लाख रुपये के लकड़ियों की आपूर्ति के टेंडर जारी किए गए हैं।
कोट
अलाव की लकड़ियों के लिए 17 दिसंबर को टेंडर पड़ेंगे। जल्द ही उन्हें स्वीकृत कराया जाएगा, तब तक उद्यान विभाग में एकत्रित लकड़ियों से ही रैन बसेरा सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त