उत्तर प्रदेश कंबाइंड प्री मेडिकल/ डेंटल टेस्ट (सीपीएमटी) 2016 का ऑनलाइन और ऑफलाइन फार्म भरने वाले स्टूडेंटों को एक घंटा (60 मिनट) पहले परीक्षा केंद्र में आमद करानी होगी। इसका सर्कुलर जारी कर दिया गया है। हर स्टूडेंट की बायो मैट्रिक अटेंडेंस ली जाएगी।
एडमिट कार्ड की जांच-पड़ताल भी होगी। सीपीएमटी का आयोजन मई के आखिरी सप्ताह में कराया जाएगा। पिछले साल 80 हजार छात्र देश में और 18 हजार कानपुर के छात्रों ने परीक्षा दी थी।
फरवरी से ही भरे जाएंगे फार्म
मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट कराने की जिम्मेदारी पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज गोरखपुर को दी गई है। इसके ऑनलाइन, ऑफलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया फरवरी-मार्च में पूरी की जाएगी। इसका ब्योरा जल्द ही जारी होगा। अप्रैल में फार्मों की स्क्रीनिंग होगी, फिर एडमिट कार्ड डाउन लोड करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
200 सवाल आएंगे
फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलोजी और बॉटनी के 200 सवाल पूछे जाएंगे। हर सवाल एक मार्क्स का होगा। पेपर एक पाली और तीन घंटे (सुबह 9-12 बजे तक) में कराया जाएगा। हर सब्जेक्ट से 50 सवाल पूछे जाने हैं। निगेटिव मार्किंग नहीं है।
32 मेडिकल कॉलेज
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और होम्योपैथिक कॉलेज सहित यूपी के 32 एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस, बीएएमएस और बीयूएमएस की सीटें भरी जाएंगी। एमबीबीएस की सबसे ज्यादा 210 सीटें किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ और 159 सीटें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की हैं।
काउंसलिंग
टेस्ट का रिजल्ट जून के पहले सप्ताह तक आ जाएगा, फिर काउंसलिंग कराके एडमिशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जून, जुलाई में तीन चरणों की काउंसलिंग से सीटें भरी जानी हैं।
आरक्षण भी तय
एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस और बीएएमएस में एडमिशन का आरक्षण भी तय है। 27 फीसदी सीटें ओबीसी से भरी जाएंगी। 21 फीसदी एससी और 2 फीसदी सीटें एसटी से भरेंगी। फ्रीडम फाइटर के आश्रित को 2 फीसदी, एक्स सर्विस मैन के बच्चों को 2 फीसदी, फिजिकली हैंडीकैप्ड को 3 फीसदी सीटों पर एडमिशन मिलेगा। महिला अभ्यर्थियों को 20 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलता है। एनसीसी बी और सी सर्टिफिकेट वालों को भी एक फीसदी सीट पर एडमिशन मिलेगा।
क्वालीफाई होंगे
सीपीएमटी में 50 फीसदी मार्क्स पाने वाले सामान्य वर्ग के स्टूडेंट क्वालीफाई होंगे। ओबीसी, एससी और एसटी के क्वालीफाई मार्क्स 40 फीसदी रखे हैं।