ताखा (इटावा)। जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला जिम्मेदारों की लापरवाही से अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। शासन-प्रशासन से सख्त आदेश होने के बाद भी डॉक्टर ठंड मनाते हुए नजर आए जबकि कई पीएचसी में आरोग्य मेला में फार्मासिस्ट व वार्ड ब्वॉय के सहारे मरीज रहे। डॉक्टर के न होने पर उन्होंने मरीजों को देख दवा वितरित की।
दोपहर 12 बजकर 28 मिनट: पीएचसी समथर पर आयोग्य मेले का आयोजन किया गया। यहां डॉक्टर नहीं आए थे, जबकि फार्मासिस्ट अखिलेश कुमार मरीजों को दवा के साथ सर्दी में बचाव की सलाह देते दिखे। इस दौरान तीन मरीजों को देखकर दवाएं दी गईं।
दोपहर 12 बजे :पीएचसी ऊसराहार पर करीब 12 बजे यहां डॉक्टर व फार्मासिस्ट गायब थे। यहां सिर्फ वार्ड ब्वॉय जितेंद्र मरीजों को देखने के साथ दवाएं दे रहे थे। इस दौरान यहां सात मरीजों को दवाएं दी गईं।
दोपहर 12 बजकर 10 मिनटर: पीएचसी ताखा पर डॉक्टर आरोग्य मेले में नहीं पहुंचे थे। सिर्फ फार्मासिस्ट अभिलाष सिंह मरीजों को देखते हुए नजर आए। यहां पांच मरीजों को देखकर दवाएं दी गईं।
दोपहर 12 बजकर 22 मिनट :पीएचसी खरगपुर सरैया पर आयोजित आरोग्य मेले में डॉक्टर नहीं आए थे। यहां फार्मासिस्ट विनोद कुमार व वार्ड ब्वॉय रतनेश मौके पर मौजूद थे। यहां फार्मासिस्ट ने जहां मरीजों को देखा तो वहीं ब्वॉय ने मरीजों का पंजीकरण किया। इस दौरान 11 मरीजों को दवाएं दी गईं।
जसवंतनगर पीएचसी पर 36 मरीज पहुंचे
जसवंतनगर। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलरई पर लगे आरोगय मेले में डॉ. विवेक गुप्ता मौजूद मिले। इस दौरान मेले में कुल 36 मरीज दवा लेने पहुंचे। डॉक्टर ने बताया बुखार के चार, त्वचा रोग आठ, गैस के मरीज पांच, आंख के तीन, लीवर के एक, शुगर के एक, एचबीपी के तीन के अलावा अन्य बीमारियों के 11 मरीज आए। इन्हें सर्दी में बचाव के साथ दवा वितरित की गई।