न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में शस्त्र लाइसेंस बनवाने में तथ्यों को छिपाने, झूठा शपथपत्र देने, आपराधिक इतिहास छिपाने व शस्त्र का दुरुपयोग करने संबंधी धाराओं में 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की संस्तुति की गई है। इनमें बिकरू निवासी रामकुमार दुबे, रवींद्र कुमार, सुज्जा निवादा निवासी विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, कंजटी निवासी अमित उर्फ छोटे बउआ, अखिलेश कुमार, देवकली कंजटी निवासी दिनेश कुमार, बसेन निवासी आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव त्रिपाठी, रूरा निवासी अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन व उसकी पत्नी कंचन त्रिवेदी, दीपक उर्फ दीप प्रकाश उर्फ दीपू दुबे व उसकी पत्नी अंजली दुबे शामिल है।
वहीं दीपक पर इन्हीं आरोपों में लखनऊ के कृष्णानगर थाने में अलग से मुकदमा दर्ज करने को भी कहा है। जयकांत बाजपेई द्वारा शस्त्र लाइसेंस बनवाने और वर्ष 2012 व 2016 में पासपोर्ट बनवाने में तथ्यों को छिपाकर झूठा शपथपत्र देने, आपराधिक इतिहास छिपाने, वोटर आईडी की कूटरचना करने के मामले में बजरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करने की संस्तुति की है।
फर्जी आईडी से सिम चलाने में फंसेंगी रिचा, खुशी, शांति और रेखा
विकास दुबे और उसके गैंग से जुड़े लोगों द्वारा जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, उनके सिम दूसरे नाम से आईडी लगाकर खरीदे गए थे, ताकि अपराध करके पहचान छिपाई जा सके। इस संबंध में मदारीपुरवा निवासी राम सिंह, बिकरू निवासी मोनू पांडे, शिव तिवारी उर्फ आशुतोष त्रिपाठी, विकास की पत्नी रिचा दुबे, शांति देवी, खुशी दुबे, रेखा अग्निहोत्री, सुज्जा निवादा निवासी विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, बिलास निवासी अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन, दीपू दुबे, सूर्य विहार ख्योरा नवाबगंज निवासी राजू बाजपेई पर रिपोर्ट दर्ज करने की संस्तुति की गई है।