दीप जलाकर कार्यशाला का उद्घाटन करते प्रो. राजन सक्सेना (दाएं से तीसरे)।
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कानपुर। शराब ही लिवर को खराब करने का कारण नहीं है, ज्यादा खाना खाने से भी लिवर खराब हो रहा है। यह कहना है एसजी पीजीआई लखनऊ के प्रोफेसर पद्मश्री डॉ. राजन सक्सेना का। उन्होंने बताया कि अनियमित दिनचर्या के बाद भूख से ज्यादा खाना खाना लिवर के लिए खतरनाक है। उन्होंने अपील की कि खाना कम खाएं लेकिन पौष्टिक से भरपूर हो। कोशिश करें कि रात में कम से कम खाना खाएं। उन्होंने बताया कि खराब खून चढ़ाने से भी लिवर खराब होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रो. सक्सेना इंटरनेशनल हिपैटो पैंक्रिएटो बिलियरी (हेपेटाइटिस, पैंक्रियाज, आंतों की बीमारी) एसोसिएशन की भारतीय इकाई की ओर से रविवार को आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। एक होटल में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि एसजी पीजीआई में गैस्ट्रो के 19 बेड बढ़े हैं। तीन महीने के भीतर लिवर सेंटर शुरू हो जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पटना के डॉ. चिरंजीव खंडेलवाल ने जनरल सर्जन को गैस्ट्रो सर्जन की विशेषज्ञता देने के लिए ट्रेनिंग देने पर बल दिया। उन्होंने नए सर्जन के लिए दो कोर्स चलाने की जानकारी दी। सर गंगाराम अस्पताल के पद्मश्री डॉ. सौमित्र रावत ने कहा कि लिवर की बीमारियों का समय से इलाज हो जाए तो बड़ी बीमारी नहीं हो सकती है।
अल्ट्रासाउंड जांच से लिवर की समस्या को जाना जा सकता है। डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. लव कक्कड़, डॉ. आनंद प्रकाश, डॉ. रजनीश कुमार सिंह, डॉ. ब्रजेंद्र सिंह, डॉ. अभिमन्यु कपूर, डॉ. वीके मिश्र, डॉ. शिवाकांत मिश्र, डॉ. संजय काला, डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. गौरव चावला ने लिवर, पित्ताशय, पित्त की नली व पैंक्रियाज में होने वाली बीमारियों और उनके इलाज पर चर्चा की। इस दौरान डॉ. सीएम सिंघल, डॉ. वीके मल्होत्रा, डॉ. वीएस तिवारी, डॉ. एससी उपाध्याय, डॉ. मनमोहन वर्मा, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. राजीव भार्गव, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. अविनाश शुक्ला, डॉ. राजू केडिया आदि मौजूद रहे।