कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोरक्षा के नाम पर गोरखधंधा करने वालों पर तीखा हमला बोलने के बाद कानपुर गोशाला कमेटी ने रविवार को प्रबंध समिति बैठक भौंती स्थित गोशाला में की। इसमें सड़क पर घायल अवस्था में घूमने वाले गोवंश की देखरेख करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जल्द ही एक वाहन खरीदा जाएगा। सूचना मिलने पर उसे भौंती स्थित गोशाला में लाकर इलाज कराएगी। गोशाला की कब्जे वाली जमीन और 300 मकानों में रहने वाले किराएदारों से वसूली के लिए पांच लोगों श्याम अरोड़ा, धर्म प्रकाश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, विजय पांडेय और धर्मेंद्र सिंह की नई कमेटी बनाई गई है जो जांच कर इन मामलों को सुलझाएगी। फुटकर दूध बिक्री बंद कर अब एकमुश्त डेयरी को दिया जाएगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि गोवंश के लिए हर महीने संघर्ष करना पड़ रहा है। देखभाल में दस लाख रुपये महीना खर्च हो रहे हैं जबकि आमदनी दो लाख रुपये भी नहीं है। ऐसे में गोशाला का उत्थान कैसे हो, इस पर विचार-विमर्श होना चाहिए। गोशाला की नई कमेटी का चुनाव 14 मई को हुआ था। इसमें अध्यक्ष तिलकराज शर्मा और महामंत्री श्याम अरोड़ा बने थे। तय हुआ था कि प्रत्येक रविवार को सदस्य गोशाला जाएंगे पर ऐसा नहीं हो रहा है। इसको लेकर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब हम गोशाला ही नहीं जाएंगे तो गोसेवा कैसी। बैठक में गोशाला की जमीन कब्जे का मामला उठा। इस पर कहा कि पुरुषोत्तम तोषनीवाल पर जो आरोप हैं कमेटी उसकी जांच कर रही है। पहले जांच पूरी हो। यदि किसी को गोशाला की जमीन दी गई है तो उसकी रिकवरी होगी। बैठक में डॉ. ईश्वर चंद्र गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता गोल्डी, सुरेश गुप्ता, अवधेश वाजपेयी, श्रीकृष्ण बब्बू आदि मौजूद रहे।
गोशाला पर एक नजर
a कुल गाय-557
a दुधारू गाय-70
a दिनभर में-200 लीटर दूध
a प्रति लीटर दूध की कीमत-33 रुपये
a कुल खर्च महीने का-10 लाख रुपये
a गोशाला - 7.5 बीघा जमीन पर
a गोशाला की कुल जमीन-मैनावती में 32 बीघे, पनकी में 1470 बीघे, कपली गांव भौंती में 350 बीघे
बैठक में तय हुआ
a घायल गोवंश के लिए जल्द ही एक वाहन खरीदा जाएगा
a 300 मकानों में किराएदारों के किराए की रकम पता की जाए
a गोवंश के निधन के बाद जमीन में दबाया जाएगा
a विद्युत शव दाह बनाने के लिए संत समाज की अनुमति का इंतजार
a महाराजपुर गोशाला की 250 गायों को भौंती लाया जाएगा
a महाराजपुर की जमीन पर गायों के लिए हरा चारा उगाया जाएगा
a अन्नपूर्णा भोजनालय का संयोजक संतोष अग्रवाल को बनाया गया
a गोशाला के कर्मचारियों के आवास बनाने के लिए जमीन की बात की गई
a डा.केके गुप्ता को गोसंवर्धन की जिम्मेदारी सौंपी गई है