इटावा। टेंडर प्रक्रिया में मनमानी करने पर बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गौड़ को निलंबित कर आगरा कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में मनोज कुमार के खिलाफ 23 टेंडरों में लापरवाही, शिथिलता और अनियमितता के आरोप सही पाए गए। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने उक्त कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, भरथना निवासी विजयराज यादव ने बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गौड़ पर चरित्र प्रमाणपत्र के आवेदन फार्म पर टेंडर अनुबंध करने, टेंडर के समय में मनमाफिक परिवर्तन कराने, प्रतिभागी अन्य फर्मों को अयोग्य घोषित करने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों व मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र दिया था।
विजयराज ने शिकायती पत्र में लिखा था कि 9 दिसंबर 2024 को विभिन्न समाचार पत्रों में निविदा संख्या 59, 60, 61, 62, 63 व 64 ईडीसीई वर्ष 2024-25 प्रकाशित किए गए। इसमें एक फर्म की ओर से सभी निविदाओं में प्रतिभाग किया गया था। उस फर्म संचालक के चरित्र प्रमाणपत्र के स्थान पर सिर्फ उसका आवेदन फार्म लगा दिया गया, जो नियम विरुद्ध है। शिकायत के बाद शासन की ओर से मामले की जांच चल रही थी। जांच के दौरान कुल 23 निविदाओं में लापरवाही, शिथिलता और अनियमितता पाई गई।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि भरथना के विजयराज की ओर से अधीक्षण अभियंता इटावा मनोज कुमार गौड़ पर टेंडर प्रक्रिया में मनमानी की शिकायत की गई थी। इसके बाद निगम के तकनीकी निदेशक की अगुवाई में जांच की गई। प्रथम दृष्टया अधीक्षण अभियंता पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता को निगम की ओर से निलंबित कर दिया गया है।