कानपुर। बैंक की गलती से परीक्षा छूटने पर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने एसबीआई को परीक्षार्थी को क्षतिपूर्ति के लिए सात लाख रुपये वाद दाखिले से भुगतान की तारीख तक सात प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने और दस हजार रुपये वाद व्यय देने के निर्देश दिए हैं।
दहेली सुजानपुर के भवानीनगर निवासी अधिवक्ता अवनीश वर्मा ने लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली थी। इसके बाद एपीओ 2015 की मुख्य परीक्षा देने के लिए सात दिसंबर 2015 को 255 रुपये भारतीय स्टेट बैंक की कृष्णानगर शाखा में जमा किया था। बैंक ने रसीद भी जारी की लेकिन लोक सेवा आयोग के खाते में पैसा जमा नहीं किया गया। आयोग की वेबसाइट पर बैंक डिटेल को ऑनलाइन अपडेट करने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। समय पर फीस जमा न होने के कारण अवनीश मुख्य परीक्षा में नहीं बैठ सका। अवनीश ने जब बैंकिंग लोकपाल से शिकायत की तो लोकपाल ने दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद बैंक ने पत्र भेजकर माफी तो मांगी लेकिन क्षतिपूर्ति अदा नहीं की। इस पर 16 अक्तूबर 2018 को अवनीश ने एसबीआई मुंबई के चेयरपर्सन, मालरोड स्थित प्रशासनिक शाखा के नोडल अफसर और कृष्णा नगर शाखा के प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था।