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एपी फैनी कंपाउंड मामला: पुलिस के अल्टीमेटम के बावजूद नहीं दी तहरीर, अब बढ़ेंगी पूर्व मंत्री की मुश्किलें

Fri, 17 Jan 2025 10:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मामले में पुलिस अब तक दो एफआईआर दर्ज कर चुकी है। दोनों मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी की अब तक की जांच में सामने आया है कि इस जमीन पर जिन लोगों ने कब्जा किया था, उनसे सपा के पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने भी 100-100 वर्ग गज के दो प्लॉट खरीदे थे।
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पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में चुन्नीगंज स्थित नजूल की एपी फैनी कंपाउंड की जमीन पर कब्जे के मामले में पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री को गुरुवार तक हर हाल में कंपाउंड की जमीन बेचने वालों के खिलाफ तहरीर देने का अल्टीमेटम दिया था पर उन्होंने तहरीर नहीं दी है।

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पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि अगर तहरीर नहीं दी तो नजूल की जमीन बेचने वालों से मिलीभगत मानते हुए उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि प्रकरण की विवेचना चल रही है। जल्द ही इसमें आरोपियों के नाम बढ़ाए जाएंगे। साथ ही जांच में सहयोग न करने वालों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

100-100 वर्गगज के दो प्लॉट खरीदे थे
बता दें, चुन्नीगंज स्थित 500 करोड़ की एपी फैनी कंपाउंड की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पुलिस अब तक दो एफआईआर दर्ज कर चुकी है। दोनों मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी की अब तक की जांच में सामने आया है कि इस जमीन पर जिन लोगों ने कब्जा किया था, उनसे सपा के पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने भी 100-100 वर्ग गज के दो प्लॉट खरीदे थे।

नामजद पांच आरोपियों की तलाश
साथ ही, अपने ही नाम पर रजिस्ट्री भी कराई थी। कर्नलगंज पुलिस फर्जीवाड़ा करने व नजूल की जमीन खरीदने वालों पर कार्रवाई कर रही है। मामले में सलीम बिरयानी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा जा चुका है। साथ ही गिरफ्त से बाहर नामजद पांच आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने कोई तहरीर नहीं दी है। साथ ही जमीन पर मिले स्टे को भी नहीं दिखा सके हैं। जांच कर रही एसआईटी को जो भी विधि सम्मत लगेगा, उसके अनुसार बेरिया या अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।  -दिनेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी सेंट्रल
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