कोरोना की रोकथाम के लिए तैयार की गई स्वदेशी वैक्सीन ‘को-वैक्सिन’ की दूसरी डोज शुक्रवार को 11 और वॉलंटियर को दी गई। इसके साथ ट्रायल में शामिल सभी 33 वॉलंटियर को एक एमएल की दूसरी डोज मिल गई। डोज देने के पहले इनका भी ब्लड सैंपल लिया गया।
जिन्हें जांच के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) भेजा गया है। इसमें एंटीबॉडीज की जांच की जाएगी। एंटीबॉडीज कितने लंबे समय तक बन रहती हैं, जिससे असर का पता चलेगा। प्रखर अस्पताल के सीनियर फिजिशियन प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि सभी 33 वॉलंटियर के ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
इन्हें आईसीएमआर भेजा गया है। वहां से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे में एंटी बॉडीज की जांच होगी। सभी वॉलंटियर स्वस्थ हैं। किसी में कोई साइड इफैक्ट्स नहीं हैं। इन्हें अब 14 दिन बाद बुलाया गया है।
28 अगस्त को फिर ब्लड सैंपल लिया जाएगा। इसके84 और 194 दिन बाद भी सैंपल लेकर ब्लड में एंटी बॉडीज की जांच होगी। इससे पता चलेगा कि एंटी बॉडीज बनने और इनके टिके रहने की स्थिति क्या है। स्वदेशी वैक्सीन के ट्रायल से अच्छे संकेत मिल रहे हैं।