दुकानदार ने पूरी घटना कोर्ट को बताई। उन्होंने कहा कि दंगाइयों ने निर्ममता से गोलियां बरसाई थीं। लाठी-डंडों से पीटा था। छत से फेंक दिया था। बाद में पेट्रोल डालकर दो शवों में आग लगा दी थी। सतवीर की हत्या गोली मारकर ही की गई थी। परिजन किसी तरह से भागकर वहां से जान बचा सके थे।
बयानों से मजबूत होगा केस, सख्त सजा मिलने की उम्मीद
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि केस से संबंधित जितने भी गवाह व साक्ष्य मिलेंगे उतना केस मजबूत होगा। इससे आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलने की उम्मीद बढ़ती जाएगी। इसलिए विवेचकों को निर्देशित किया गया है कि वह अधिक से अधिक गवाहों की तलाश कर उनके बयान कराएं। अन्य कई केसों में भी और गवाह सामने आए हैं। एक एक कर इसी तरह से सभी के बयान कराए जाएंगे।
दंगाइयों ने कर दी थी एक ही परिवार सात लोगों की हत्या
एसआईटी जिन 12 केसों की विवेचना कर रही है, उसमें दबौली का एक ऐसा केस में जिसमें सबसे ज्यादा लोगों की हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में एक ही परिवार के आठ लोगों को दंगाइयों ने मार दिया था। इसमें विशाख सिंह व उनकी पत्नी सरनकौर के अलावा उनकी बेटी गुरवचन कौर, चार बेटे जोगेंद्र सिंह, गुरुचरन सिंह, छतरपाल सिंह और गुरुमुख सिंह को मौत के घाट उतारा गया था। इसमें एसआईटी ने कुल 8 आरोपियों की पहचान की। जांच में पता चला कि इसमें से चार आरोपियों की मौत हो चुकी है। शेष चार आरोपियों की गिरफ्तारी इसमें की जाएगी। अन्य केसों में भी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू हो गए हैं।