इसी तरह से टीम ने रतनलाल नगर में मारे गए नगीना सिंह व उनके दोनों बेटों के परिवार के एक सदस्य का बयान दर्ज किया। किदवईनगर वाले मामले में एक स्कूल मालिक व रतनलाल वाली घटना में एक डॉक्टर शामिल था। एसआईटी ने तस्दीक भी कर ली है।
फैक्टरी कर्मी भी थे शामिल
अर्मापुर थाने में दंगों से संबंधित दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। यहां पर पांच लोगों की हत्या की गई थी। एसआईटी की जांच में सामने आया कि कई फैक्टरी कर्मी वारदात में शामिल थे, जो अब रिटायर्ड हो चुके हैं। कई की पहचान कर एसआईटी ने सत्यापन भी कर लिया है। इन दोनों केसों से संबंधित गवाह व चश्मदीदों के बयान एसआईटी ने दर्ज किए हैं।
एक गवाह की है तलाश
अर्मापुर वाली घटना के दौरान एक चश्मदीद ऐसा था, जो घटनास्थल पर एक कूलर में छिपकर बैठ गया था। उसने पूरी घटना देखी थी। वह केस का बेहद अहम गवाह है। एसआईटी उसका पता लगाने में जुटी है। एसआईटी अभी तीन दिनों तक वहां रहेगी। उसके बाद दिल्ली व नोएडा जाकर केस जुड़े लोगों से बातचीत कर बयान दर्ज करेगी।