सिख विरोधी दंगे के दौरान दर्ज मुकदमों में से किदवईनगर के एक मामले में एसआइटी ने चार्जशीट तैयार कर ली है। सुबूतों व गवाहों के आधार पर इसमें 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट पर विधि विशेषज्ञों की राय मांगी जा रही है। इसके बाद इसी माह चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी।
सिख विरोधी दंगे के दौरान शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। हत्या व डकैती के 40 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। उस दौरान पुलिस ने 11 केस में चार्जशीट और बाकी 29 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। फाइनल रिपोर्ट वाले मुकदमों की ही एसआइटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) दोबारा जांच कर रही है।
करीब दो साल की विवेचना के बाद एसआइटी ने नौबस्ता थाने में दर्ज एक मुकदमे में सुबूत व गवाहों के आधार पर चार्जशीट तैयार कर ली है। एसआइटी सूत्रों ने बताया कि घटना किदवई नगर के के-ब्लॉक स्थित एक गुरुद्वारे में हुई थी। दंगाइयों ने यहां रहने वाले दो सिखों की बेरहमी से हत्या करने के बाद मकान में आग लगा दी थी।
दो माह पूर्व एसआइटी ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर यहां 36 वर्ष पुराने खून के धब्बे भी ढूंढ निकाले थे। साथ ही मृतकों के परिजनों को जालंधर व दिल्ली में ढूंढकर बयान दर्ज किए थे। इसके आधार पर आसपास रहने वाले चार व्यक्तियों समेत कुल 12 लोगों को आरोपी माना गया है।
सिख विरोधी दंगे के दौरान हत्या, डकैती के जिन मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगी थी। उसमें से एक मामले में सुबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया गया है। विधिक राय लेने के बाद इसे जल्द ही कोर्ट में दाखिल कराया जाएगा। - बालेंदु भूषण, एसपी एसआइटी