सिख विरोधी दंगों में जिन केसों में पुलिस ने चार्जशीट लगाई थी उनमें से चार केसों की विवेचना दोबारा हो सकती है। एसआईटी ने सभी केसों की समीक्षा के बाद चार केसों की दोबारा विवेचना के लिए कोर्ट में अपील की है।
कोर्ट की मंजूरी के बाद विवेचना शुरू हो सकेगी। अगर विवेचना होती है तो इसमें भी तमाम दंगाई बेनकाब होंगे। ऐसे ही एक केस में पहले ही अपील हो चुकी है। जिस पर फैसला अभी बाकी है। एसआईटी हत्या के 19 केसों की विवेचना कर रही है।
इन सभी केसों में तत्कालीन जांच अधिकारियों ने फाइनल रिपोर्ट लगा केस बंद कर दिए थे। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि हत्या व डकैती के 11 केसों में चार्जशीट लगाई गई थी। साक्ष्यों व गवाहों के अभाव में दंगाई बरी हो गए थे।
एसआईटी ने इन 11 केसों की समीक्षा की। जिसमें से चार केसों में कुछ तथ्य ऐसे मिले, जिसमें एसआईटी को संभावना है कि इसमें विवेचना में काफी लापरवाही बरती गई। अगर ऐसा न किया गया होता तो उसमें दंगाईयों को सजा होती। लिहाजा ये केस दोबारा एसआईटी खोलना चाहती है। एसएसपी के मुताबिक कोर्ट में इस संबंध में अपील की गई है। अगर मंजूरी मिलती है तो विवेचना शुरू की जाएगी।