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यूपी: करोड़ों की टैक्स चोरी में सीएस का पूरा खेल, 391 करोड़ की कर चोरी में क्राइम ब्रांच का एक और खुलासा

Tue, 02 Feb 2021 01:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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कानपुर में दूसरी कंपनी के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कंपनी बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में एक और खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी कंपनी मालिक के अलावा कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) भी शामिल रहा है। कंपनी के दस्तावेज चुराने के साथ उसी ने हस्ताक्षर भी स्कैन किए थे।
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जिसके आधार पर कंपनियां रजिस्टर की गईं। इसके बाद 391 करोड़ रुपये व्यापार कर की चोरी की। सोमवार को फजलगंज स्थित कंपनी के दफ्तर पर दबिश देने पहुंची पुलिस को आरोपी नहीं मिले। फजलगंज थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक संजय शर्मा ने फ्यूरर फार्मा कंपनी के दस्तावेज का इस्तेमाल कर दो कंपनियां (गोल्डन डेयरी व फ्यूचर) रजिस्टर कीं। दोनों के जरिये सोने-चांदी का कारोबार चलता रहा। करोड़ों रुपये कमाएं।

सरकार को भी चूना लगाया। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रहा है। इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिंद ने बताया कि तफ्तीश में पता चला कि कंपनी सेक्रेटरी शरद शुक्ला ही फ्यूरर फार्मा कंपनी के दस्तावेज चुराकर लाया था। कंपनी के मालिक व अन्य लोगों के डिजिटल हस्ताक्षर भी उसी ने स्कैन किये थे। जिसके आधार पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर की गईं। संजय और शरद  के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। अन्य नामजद चार आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच की टीम साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है।
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खातों का जुटाया गया ब्योरा
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के खातों का ब्योरा जुटाया गया है। उसमें काफी रकम है। ट्रांजेक्शन से स्पष्ट है कि कंपनी के नाम पर कारोबार कर रकम इधर से उधर की गई। आरोपियों की कंपनी से संबंधित कुछ दस्तावेज जुटाने बाकी हैं। इस बाबत वाणिज्य कर विभाग समेत अन्य विभागों से जानकारी मांगी गई है। एक दो महीने के भीतर जांच पूरी हो जाएगी। 

दो करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का खुलासा
चकेरी में तीन साल पहले वाणिज्य कर विभाग की तरफ से तीन कंपनियों के खिलाफ जीएसटी चोरी का मामला दर्ज कराया गया था। इसमें महादेव एलांयस, आरएपी व एक अन्य कंपनी का नाम शामिल है। विवेचना क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला था कि करीब पचास लाख की जीएसटी चोरी की गई है लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि जीएसटी चोरी की रकम दो करोड़ से भी ऊपर है।

पांच सौ ट्रकों से माल सप्लाई किया गया है। जिनका ब्योरा क्राइम ब्रांच ने जुटाया है। आरटीओ से ट्रकों के मालिकों का नाम व पता ले लिया है। एक-एक का सत्यापन जारी है। जिससे पता किया जा रहा है कि माल कब, किसने और कहां सप्लाई किया।
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