कानपुर में दूसरी कंपनी के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कंपनी बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में एक और खुलासा हुआ है। फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी कंपनी मालिक के अलावा कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) भी शामिल रहा है। कंपनी के दस्तावेज चुराने के साथ उसी ने हस्ताक्षर भी स्कैन किए थे।
जिसके आधार पर कंपनियां रजिस्टर की गईं। इसके बाद 391 करोड़ रुपये व्यापार कर की चोरी की। सोमवार को फजलगंज स्थित कंपनी के दफ्तर पर दबिश देने पहुंची पुलिस को आरोपी नहीं मिले। फजलगंज थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक संजय शर्मा ने फ्यूरर फार्मा कंपनी के दस्तावेज का इस्तेमाल कर दो कंपनियां (गोल्डन डेयरी व फ्यूचर) रजिस्टर कीं। दोनों के जरिये सोने-चांदी का कारोबार चलता रहा। करोड़ों रुपये कमाएं।
सरकार को भी चूना लगाया। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रहा है। इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिंद ने बताया कि तफ्तीश में पता चला कि कंपनी सेक्रेटरी शरद शुक्ला ही फ्यूरर फार्मा कंपनी के दस्तावेज चुराकर लाया था। कंपनी के मालिक व अन्य लोगों के डिजिटल हस्ताक्षर भी उसी ने स्कैन किये थे। जिसके आधार पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर की गईं। संजय और शरद के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। अन्य नामजद चार आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच की टीम साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है।