कानपुरः इमारत निर्माण के लिए एनओसी देने के नाम पर टेनरी मालिक से एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में एयर फोर्स स्टेशन के क्लर्क अमित गुप्ता के साथ केडीए के सहायक अभियंता राजीव गौतम भी फंस गए। सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने जांच में टेनरी मालिक के आरोपों सही पाया और गौतम को भी गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को सीबीआई टीम ने दोनों आरोपियों को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जाजमऊ केडीए कालोनी निवासी अशफाक अंसारी लेदर एक्सपोर्ट का कारोबार करते हैं। उनकी शेखपुर चौराहा, जाजमऊ में फैक्ट्री है। उनकी फैक्ट्री एयरफोर्स स्टेशन की बाउंड्री के पास है। अशफाक ने सीबीआई को दी गई शिकायत में कहा कि एयरफोर्स स्टेशन के भू-संपदा विभाग के क्लर्क अमित गुप्ता एयरफोर्स की एनओसी के नाम पर 15 लाख रुपये घूस मांग रहे थे। अशफाक की शिकायत पर सीबीआई की एंटी करप्शन की लखनऊ यूनिट ने बृहस्पतिवार को अमित गुप्ता को घूस लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
अमित से पूछताछ में केडीए सहायक अभियंता राजीव गौतम का नाम भी सामने आया। छानबीन के बाद देर रात टीम ने राजीव गौतम के श्याम नगर स्थित घर में छापा मारकर उन्हें भी दबोच लिया। सीबीआई टीम ने राजीव और अमित के घर, दफ्तर और अन्य ठिकानों में पड़ताल की। टीम ने दोनों के ठिकानों से तमाम दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।
माना जा रहा है कि वसूली के इस काकस में केडीए अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। उधर, सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने सराफ विशाल वर्मा से भी पूछताछ की जो अमित गुप्ता का दोस्त है। इस मामले में उसकी संलिप्तता नहीं मिली। इस पर शुक्रवार सुबह टीम ने विशाल को छोड़ दिया।