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स्वाइन फ्लू से एक और मौत

Wed, 18 Feb 2015 03:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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संक्रमण रोग अस्पताल (आईडीएच) में डॉक्टरों की लापरवाही ने स्वाइन फ्लू पीड़िता मीनू की जान ले ली। रविवार देर रात ऑक्सीजन खत्म होने से वेंटिलेटर बंद हो गया, मीना घंटों तड़पती रही और सुबह उसने दम तोड़ दिया। परिजनों को आईडीएच से हैलट तक कोई भी स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिला जो वेंटिलेटर चला सके।
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मीनू के बेटे दिव्यांश (11) में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं, उसका भी आईडीएच में इलाज जारी है। प्राइवेट पैथोलॉजी से आई रिपोर्ट में दोनों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। आरबीआई के एजीएम में भी प्राइवेट पैथोलॉजी की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिले हैं।

नौबस्ता के नौ महीने के बच्चे को भी आईडीएच में भर्ती कराया गया है। शुक्लागंज के इंदिरा नगर की मीनू को कुछ दिन पहले बुखार और सर्दी-जुकाम के बाद डॉक्टर को दिखाया गया था। हालत बिगड़ने पर मीनू को परिजनों ने कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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वहां डॉक्टरों ने प्राइवेट पैथोलॉजी से स्वाइन फ्लू की जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। डॉक्टरों के रिफर करने के बाद निजी अस्पताल की एंबुलेंस रविवार रात साढे़ नौ बजे उसे आईडीएच लाया गया। परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे तो बताया गया कि यहां अभी बच्चों के ही डॉक्टर तैनात हैं।

मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों को अभी सूचना दी जाएगी। ढाई घंटे परिजन भटके तब डॉ. एमके सिंह आए। रात 11 बजे मीनू को भर्ती किया गया लेकिन मामला वेंटिलेटर लगाने पर फंस गया। एंबुलेंस के साथ आए स्वास्थ्यकर्मी से वेंटिलेटर शुरू कराया गया। रात तकरीबन दो बजे वेंटिलेटर तेज आवाज के साथ बंद हो गया।

परिजनों ने नर्स को सूचना दी तो उसने डॉक्टर का नंबर दे दिया। नंबर मिलाया तो वह स्विच ऑफ बता रहा था। परिजन हैलट तक भटकते रहे। एक लड़के को भेजा गया लेकिन वह भी वेंटिलेटर शुरू नहीं कर पाया।  सोमवार सुबह तकरीबन 9ः15 बजे मीनू ने दम तोड़ दिया।
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