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करसा गोवंश आश्रय स्थल में एक और गाय की मौत

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कानपुर देहात। सरवनखेड़ा ब्लॉक के करसा गोवंश आश्रय स्थल में गायों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को एक और गाय की मौत हो गई। एक सप्ताह के अंदर यहां अब तक तीन गोवंशों की मौत हो चुकी है। पांच गाय मरणासन्न स्थिति में है। वह खड़ी भी नहीं हो पा रही हैं। बीडीओ पर आश्रय स्थलों की निगरानी की जिम्मेदारी है पर उन्हें गायों के मरने की जानकारी नही हैं। आरोप है कि कई महीने से चारे के नाम गायों को सिर्फ सूखा भूसा खिलाया जा रहा है।
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करसा गोवंश आश्रय स्थल में चारे की व्यवस्था ठीक न होने से गोवंश कमजोर होते जा रहे हैं। उनके जीवन पर संकट आ गया है। आश्रय स्थल में गायों के मरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को एक और गाय की मौत हो गई। बता दें कि पांच गाय कमजोर होने की वजह से खड़ी नहीं हो पा रही थीं इसमें एक सप्ताह के अंदर दो गाय व एक बछड़े की मौत हो चुकी है।
अब पांच और गाय मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई हैं। वह एक जगह पड़े अंतिम सासें गिन रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गायों को चारे के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा कई महीने से खिलाया जा रहा है। चोकर व हरा चरा न मिलने से गायों की हालत बिगड़ती जा रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तीन गोवंश की मौत के बाद चोकर की कुछ बोरियां लाकर सिर्फ दिखाने के लिए रख दी गई हैं। डॉक्टर तेजेंद्र सिंह ने बताया कि पंचनामा भरकर गाय को दफना दिया गया है। बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि गाय की मौत की जानकारी नहीं है। आश्रय स्थल में चोकर की व्यवस्था करा दी गई है।
खुले में पड़े शव को नोच रहे कुत्ते
करसा गोवंश आश्रय स्थल में मृत गायों को दफनाया नहीं जा रहा है। कर्मचारी गोवंश के शव को खुले में आश्रय स्थल की पीछे फेंक देते हैं। मृत गायों को कुत्ते नोचकर खा रहे हैं। जिम्मेदार लापरवाही की हद कर रहे हैं। गायों के शव खुले में पड़े होने से बदबू फैल रही है।
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