पिछले120 घंटों के आसपास प्रदेश का एक जिला 'उन्नाव' और यहां की बांगरमऊ विधानसभा सीट से 'विधायक कुलदीप सिंह सेंगर' का नाम और उनसे 'जुड़ा प्रकरण' अब प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहा। इस मामले में विधायक की गिरफ्तारी न होने से लगभग सभी विरोधी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुट गए हैं।
प्रदेश की राजधानी में गुरुवार को उन्नाव जिले की पूर्व सांसद अन्नू टंडन ( कांग्रेस ) ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस और महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मिलकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में कांग्रेस के नेताओं ने शीघ्र ही विधायक की गिरफ्तारी की मांग की।
आपको बता दें कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी के जेल में बंद पिता की मौत के बाद पुलिस और सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच पूरे मामले की एसआईटी जांच शुरू हुई। बुधवार को लखनऊ के एडीजी राजीव कृष्ण विधायक एडीजी राजीव कृष्ण और एसपी क्राइम दिनेश सिंह के साथ अफसरों का दल सुबह करीब 10.15 बजे माखी पहुंचा। इसी बीच प्रशासनिक देखरेख में पीड़ित परिवार के सदस्यों को उन्नाव के होटल से गांव लाया गया था।
दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत के बाद एडीजी के नेतृत्व वाली टीम दोपहर करीब 12.30 बजे माखी थाने पहुंची। थाने में जरूरी रिकॉर्ड देखने के साथ उन्होंने डीएम रवि कुमार एनजी, एसपी पुष्पांजलि से लगभग 20 मिनट बातचीत की। लखनऊ रवाना होने से पहले मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में एडीजी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।विधायक पर एक महिला की मदद से किशोरी से दुष्कर्म के आरोप का मुकदमा 11 जून 2017 से विचाराधीन है। इस मुकदमे में पीड़िता ने विधायक पर दुष्कर्म और गांव की एक महिला को विधायक के पास लेकर जाने का आरोप लगाया है।
तीन अप्रैल को पीड़िता का पिता इसी मुकदमे की पेशी पर दिल्ली से उन्नाव आया था। पेशी के बाद वह अपनी मां को दवा देने के लिए घर गया। आरोप है कि यहां विधायक के भाई अतुल सिंह ने गुर्गों ने उसकी पिटाई की। बचाव करने पर पत्नी, मां और बेटियों के साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने उसे मारपीट करने और आर्म्स एक्ट के मुकदमे में जेल भेज दिया। पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी।